Naresh Bhagoria
7 Feb 2026
Shivani Gupta
7 Feb 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से 8 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। सत्र की अधिसूचना एक-दो दिन में विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी की जाएगी। इस बार सत्र के दौरान राज्य सरकार की ओर से पहला अनुपूरक बजट और कई अहम विधेयक पेश किए जाएंगे, जिनकी मंजूरी मिलना तय मानी जा रही है।
इस संबंध में तीन दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बीच बैठक हुई थी। मुख्यमंत्री विशेष रूप से विधानसभा अध्यक्ष के बंगले पर पहुंचे और मानसून सत्र को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा के बाद राज्यपाल से सत्र बुलाने की औपचारिक स्वीकृति ली गई। अब विधानसभा सचिवालय द्वारा अधिसूचना जारी करने की तैयारी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस बार 12 दिनों के इस सत्र में कुल 10 बैठकें आयोजित की जा सकती हैं। इन बैठकों में सरकार द्वारा बजट के अलावा प्रमुख विभागीय प्रस्ताव और विधेयकों पर चर्चा की जाएगी।
विपक्षी दल विशेषकर कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, किसानों की समस्याओं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को सदन में जोरशोर से उठाने की तैयारी कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार जनहित के मामलों में असफल रही है और मानसून सत्र में उसे जवाब देना ही होगा।
मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण राज्य सरकार वार्षिक बजट प्रस्तुत नहीं कर पाई थी। ऐसे में फरवरी में लेखानुदान के माध्यम से चार माह के खर्च का प्रावधान किया गया था। इसके बाद 3 जुलाई को मोहन सरकार ने पूर्ण बजट प्रस्तुत किया था।
पिछले वर्ष 2023 में विधानसभा का मानसून सत्र 1 जुलाई से 19 जुलाई तक प्रस्तावित किया गया था, लेकिन सत्र समय से पहले समाप्त हो गया था। उस समय 14 बैठकें तय की गई थीं, जिनमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई थी।