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खामेनेई के बाद फिर खामेनेई!बेटे मोजतबा ने संभाली ईरान की ताकतवर कुर्सी, तेहरान में विरोध, ट्रंप की भी आई प्रतिक्रिया

ईरान में सत्ता का बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है। हालांकि इस ऐलान के साथ ही राजधानी तेहरान से विरोध की खबरें भी सामने आई हैं।
बेटे मोजतबा ने संभाली ईरान की ताकतवर कुर्सी, तेहरान में विरोध, ट्रंप की भी आई प्रतिक्रिया
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    तेहरान। ईरान में सत्ता का बड़ा बदलाव उस समय देखने को मिला जब देश को नया सुप्रीम लीडर मिल गया। लेकिन इस ऐलान के साथ ही राजधानी तेहरान से विरोध की आवाजें भी सुनाई देने लगीं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ महिलाएं फारसी भाषा में मोजतबा खामेनेई के खिलाफ नारे लगाती हुई दिखाई दीं।

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    इन विरोधी नारों के बीच ही आयतुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित कर दिया गया। उनके पिता के निधन के कुछ ही दिनों बाद 88 सदस्यों वाली धार्मिक संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने निर्णायक वोटिंग के बाद उन्हें देश का तीसरा सर्वोच्च नेता चुन लिया। इस फैसले के साथ ही मोजतबा खामेनेई अब सुप्रीम लीडर की कुर्सी पर बैठ गए हैं।

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    असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने चुना नया नेता

    ईरान में सुप्रीम लीडर का चुनाव असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स करती है। इस संस्था में 88 धार्मिक विद्वान और विशेषज्ञ शामिल होते हैं, जो देश के सर्वोच्च नेता का चयन करते हैं।
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में लंबे विचार-विमर्श के बाद मोजतबा खामेनेई के नाम पर सहमति बनी और उन्हें आधिकारिक तौर पर नया सुप्रीम लीडर घोषित कर दिया गया।

    सेना और IRGC ने ली वफादारी की शपथ

    मोजतबा खामेनेई के नाम की घोषणा होते ही ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तुरंत उनके प्रति वफादारी का ऐलान कर दिया। IRGC ने बयान जारी करते हुए कहा कि संगठन नए सुप्रीम लीडर के आदेशों का पालन करने और देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित रहेगा।
    सेना के शीर्ष अधिकारियों ने भी नए नेतृत्व को अपना समर्थन दिया। वहीं सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों का कहना है कि मुश्किल समय में नया नेतृत्व देश को सही दिशा देगा।

    ट्रंप की प्रतिक्रिया ने खींचा ध्यान

    मोजतबा खामेनेई के सुप्रीम लीडर बनने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। ट्रंप ने इस मामले पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि देखते हैं आगे क्या होता है।

    सोशल मीडिया पर विरोध का वीडियो वायरल

    नई नियुक्ति के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक छोटा वीडियो तेजी से वायरल हुआ। करीब 17 सेकंड के इस वीडियो में कुछ महिलाएं तेहरान की सड़कों पर मोजतबा खामेनेई के खिलाफ नारे लगाती हुई सुनाई देती हैं। वीडियो में मोजतबा की मौत हो जैसे नारे भी सुनाई देते हैं। हालांकि अब तक इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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    पर्दे के पीछे ताकतवर माने जाते थे मोजतबा

    मोजतबा खामेनेई की उम्र करीब 56 साल है। वे लंबे समय से अपने पिता के कार्यालय से जुड़े हुए थे और कई अहम फैसलों में उनकी भूमिका मानी जाती रही है। हालांकि वे सार्वजनिक मंचों पर कम दिखाई देते थे, लेकिन सत्ता के गलियारों में उन्हें बेहद प्रभावशाली माना जाता था।
    कई राजनीतिक विश्लेषक उन्हें पावर ब्रोकर और गेटकीपर के रूप में भी पहचानते हैं। 

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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