मीराबाई चानू ने दिलाया भारत को पहला गोल्ड :49KG वेटलिफ्टिंग में आया मेडल, भारत के अब तक 3 मेडल

मीराबाई के गोल्ड के साथ भारत के अब कुल 3 मेडल हो गए हैं, जिनमें 1 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इससे पहले ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था, जबकि झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत को ब्रॉन्ज दिलाया था।
49KG वेटलिफ्टिंग में आया मेडल, भारत के अब तक 3 मेडल
मीरा बाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला मेडल दिलाया

स्पोर्ट्स डेस्क। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को पहला गोल्ड मेडल मिल गया है। स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चानू ने कुल 190 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाकर मुकाबला अपने नाम किया।

भारत के खाते में अब तक 3 मेडल

मीराबाई के गोल्ड के साथ भारत के अब कुल 3 मेडल हो गए हैं, जिनमें 1 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इससे पहले ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था, जबकि झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत को ब्रॉन्ज दिलाया था। तीन पदकों के साथ भारत अब मेडल टैली में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया 12 गोल्ड समेत कुल 24 मेडल के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में ऋषिकांत ने जीता सिल्वर मेडल

भारतीय वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 खास साबित हुआ। उन्होंने पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। यह उनके करियर का दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स है।इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 में 55 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन तब वह पदक जीतने से चूक गए थे। इस बार ग्लासगो में पहली बार 60 किलोग्राम वर्ग में उतरे और सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया। ऋषिकांत मौजूदा कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के चैंपियन भी हैं।

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2009 में शुरू किया था वेटलिफ्टिंग का सफर

मणिपुर वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के सचिव और उनके शुरुआती कोच ब्रोजेंद्रो सिंह के मुताबिक, ऋषिकांत ने साल 2009 में मणिपुर स्पोर्ट्स अकादमी से वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। बाद में उनका चयन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के ट्रेनिंग सेंटर में हुआ। इसके बाद वे भारतीय नौसेना से जुड़े और आगे चलकर भारतीय सेना के स्पोर्ट्स सिस्टम का हिस्सा बन गए।

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ऋषिकांत के बारे में खास बातें

  • मणिपुर के इंफाल वेस्ट के रहने वाले हैं।
  • परिवार में दो भाई हैं।
  • बड़े भाई भारतीय सेना में कार्यरत हैं।

वेटलिफ्टिंग में कैसे मिलता है मेडल?

वेटलिफ्टिंग में खिलाड़ियों को दो अलग-अलग इवेंट में हिस्सा लेना होता है—स्नैच और क्लीन एंड जर्क। दोनों में सबसे ज्यादा सफल वजन उठाने वाले खिलाड़ी का कुल स्कोर तय किया जाता है।

1. स्नैच क्या होता है?

स्नैच में खिलाड़ी बारबेल को एक ही मूवमेंट में जमीन से सीधे सिर के ऊपर तक उठाता है। इस दौरान संतुलन, गति, ताकत और लचीलापन बेहद जरूरी होता है।

2. क्लीन एंड जर्क कैसे होता है?

यह दो चरणों में पूरा होता है।

क्लीन: खिलाड़ी बारबेल को जमीन से उठाकर कंधों तक लाता है।
जर्क: इसके बाद बारबेल को कंधों से सिर के ऊपर पूरी तरह सीधा उठाया जाता है।

विजेता कैसे तय होता है?

दोनों इवेंट में हर खिलाड़ी को तीन-तीन मौके मिलते हैं। स्नैच और क्लीन एंड जर्क में उठाए गए सबसे अधिक सफल वजन को जोड़कर कुल स्कोर (टोटल) बनाया जाता है।

उदाहरण से समझिए

स्नैच: 120 किलोग्राम
क्लीन एंड जर्क: 151 किलोग्राम

कुल स्कोर = 271 किलोग्राम

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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