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Commonwealth Games 2026 :सब्जी बेचने से कॉमनवेल्थ मेडल तक… झंडू कुमार ने भारत को दिलाया पहला मेडल, PM मोदी ने की तारीफ

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बिहार के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुष हेवीवेट वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का पदक खाता खोला। जानिए पोलियो, गरीबी, सब्जी बेचने और ई-रिक्शा चलाने से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले इस खिलाड़ी की प्रेरणादायक कहानी, उनका प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी की बधाई और भारत का पूरा अपडेट।
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सब्जी बेचने से कॉमनवेल्थ मेडल तक… झंडू कुमार ने भारत को दिलाया पहला मेडल, PM मोदी ने की तारीफ
मेडल जीतने के बाद झंडू कुमार।

स्पोर्ट्स डेस्क। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पदक खाता आखिरकार खुल गया है। बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुष हेवीवेट वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। 190 किलोग्राम की सफल लिफ्ट और 130.9 अंकों के साथ उन्होंने भारत को प्रतियोगिता का पहला पदक दिलाया। यह जीत सिर्फ एक मेडल नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और हौसले की ऐसी कहानी है, जिसने पूरे देश को भावुक कर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर झंडू कुमार को बधाई देते हुए लिखा कि, झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज जीतकर भारत का पदक खाता खोला। उनकी सफलता अद्भुत ताकत, अटूट संकल्प और वर्षों की मेहनत का प्रमाण है। उन्होंने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

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भारत का पहला मेडल, झंडू कुमार ने किया कमाल

28 वर्षीय झंडू कुमार ने प्रतियोगिता में तीन प्रयास किए।

  • पहले प्रयास में 181 किलोग्राम वजन उठाया।
  • दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाकर ब्रॉन्ज लगभग पक्का कर लिया।
  • तीसरे प्रयास में उन्होंने 196 किलोग्राम उठाकर बर्मिंघम 2022 का रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके।

इसके बावजूद उनका प्रदर्शन ब्रॉन्ज मेडल के लिए पर्याप्त रहा। नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने गोल्ड जबकि इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने सिल्वर मेडल जीता।

झंडू कुमार का प्रदर्शन

खिलाड़ी

देश

सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट

परिणाम

रिलुवान इदरीस

नाइजीरिया

-

गोल्ड

मैथ्यू हार्डिंग

इंग्लैंड

-

सिल्वर

झंडू कुमार

भारत

190 किग्रा

ब्रॉन्ज

पोलियो, गरीबी और संघर्ष... फिर बना चैंपियन

झंडू कुमार बिहार के नालंदा जिले के हरनौत के रहने वाले हैं। बचपन में पोलियो होने से उनके शरीर का निचला हिस्सा प्रभावित हो गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। उनके माता-पिता सड़क किनारे आलू-प्याज बेचकर परिवार चलाते थे। झंडू भी पढ़ाई के साथ दुकान पर हाथ बंटाते थे। कोविड महामारी के दौरान जब आमदनी का बड़ा जरिया खत्म हो गया तो उन्होंने ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाया। दिन में सब्जी बेचना और रात में जिम में घंटों अभ्यास करना उनकी दिनचर्या बन गई थी।

नेशनल खेलने के लिए बेच दिया ई-रिक्शा

साल 2023 में राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप खेलने के लिए झंडू के पास पैसे नहीं थे। उन्होंने अपना ई-रिक्शा बेच दिया ताकि प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकें। हालांकि उस टूर्नामेंट में वह एक भी सफल लिफ्ट नहीं लगा सके, लेकिन यहीं उनकी किस्मत बदल गई। उनकी प्रतिभा पर पैरालंपिक पदक विजेता और राष्ट्रीय कोच राजिंदर सिंह राहेलू की नजर पड़ी। इसके बाद उन्हें SAI (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के गांधीनगर स्थित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ट्रेनिंग का मौका मिला।

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मां ने कहा था- 'तिरंगा फहराकर आना'

मुकाबले से पहले झंडू ने अपने घर वीडियो कॉल किया था। उनकी मां कमला देवी ने कहा था कि, बेटा, जब वहां तक पहुंच गए हो तो तिरंगा फहराकर ही लौटना। पहला, दूसरा या तीसरा... कोई भी पदक लेकर आना।

मेडल जीतने के बाद झंडू का पहला फोन भी अपनी मां को ही गया। उन्होंने कहा कि, मइया... तोहनी के आशीर्वाद से जीत गईलियो। यह सुनकर पूरा परिवार भावुक हो गया।

कोच बोले- गोल्ड जीत सकते थे

झंडू के कोच राजिंदर सिंह राहेलू ने बताया कि टीम का लक्ष्य गोल्ड मेडल था। उनके मुताबिक अंतिम प्रयास के दौरान वजन की गणना और आपसी संवाद में छोटी-सी चूक हुई, जिसकी वजह से गोल्ड हाथ से निकल गया। उन्होंने कहा कि लगभग 2-3 किलोग्राम के अंतर ने नतीजा बदल दिया।

भारत के अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन

हालांकि पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत को मिश्रित सफलता मिली।

खिलाड़ी

स्पर्धा

परिणाम

सुधीर

पुरुष हेवीवेट

छठा स्थान

कस्तूरी राजामणि

महिला हेवीवेट

कोई सफल लिफ्ट नहीं

अशोक कुमार मलिक

पुरुष लाइटवेट

चौथा स्थान

परमजीत कुमार

पुरुष लाइटवेट

सातवां स्थान

जसप्रीत कौर

महिला लाइटवेट

छठा स्थान

सुमन देवी

महिला लाइटवेट

सातवां स्थान

बॉक्सिंग और लॉन बॉल्स में भी अच्छी शुरुआत

भारत के युवा मुक्केबाज जादुमणि सिंह ने पुरुष 55 किग्रा वर्ग में स्कॉटलैंड के आरोन कुलेन को 5-0 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ-16) में जगह बनाई। वहीं लॉन बॉल्स में पुतुल सोनोवाल ने लगातार दूसरी जीत दर्ज कर शानदार फॉर्म कायम रखी।

जिम्नास्टिक्स और स्विमिंग में मिला-जुला प्रदर्शन

  • पुरुष टीम जिम्नास्टिक्स में भारत सातवें स्थान पर रहा।
  • तपन मोहंती और योगेश्वर सिंह ऑलराउंड फाइनल में पहुंचे।
  • श्रीहरि नटराज 50 मीटर बैकस्ट्रोक के फाइनल में जगह नहीं बना सके।
  • पैरा स्विमिंग में कार्तिक चौथे और अली इमाम सातवें स्थान पर रहे।

Commonwealth Games

25 जुलाई को भारत का प्रमुख शेड्यूल

समय

खेल

भारतीय खिलाड़ी

2:30 PM

जिम्नास्टिक्स

महिला टीम फाइनल

3:30 PM

बॉक्सिंग

सचिन सिवाच, परवीन हुड्डा, अरुंधति चौधरी

4:00 PM

स्विमिंग

धक्षन शशिकुमार

4:15 PM

पैरा स्विमिंग

चैतन्य विश्वास कुलकर्णी

5:00 PM

3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल

भारत बनाम वेल्स

10:30 PM

बॉक्सिंग

अंकुश, आदित्य प्रताप सिंह*

झंडू कुमार की उपलब्धियां

वर्ष

उपलब्धि

2021

सीनियर राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज

2025

राष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड

2025

खेलो इंडिया पैरा गेम्स में गोल्ड

2025

बीजिंग वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज

2025

काहिरा वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व

2026

राष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड

2026

एशिया-ओशिनिया चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज

2026

कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 मेडल टैली (मुख्य देश)

देश

गोल्ड

सिल्वर

ब्रॉन्ज

कुल

ऑस्ट्रेलिया

4

2

4

10

नाइजीरिया

3

3

0

6

स्कॉटलैंड

2

2

0

4

इंग्लैंड

1

1

3

5

दक्षिण अफ्रीका

1

0

0

1

न्यूजीलैंड

0

2

0

2

वेल्स

0

1

0

1

कनाडा

0

0

2

2

भारत

0

0

1

1

मलेशिया

0

0

1

1

भारत के लिए उम्मीदों की नई शुरुआत

झंडू कुमार का यह ब्रॉन्ज मेडल केवल भारत का पहला पदक नहीं है, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। पोलियो, आर्थिक तंगी, सब्जी बेचने और ई-रिक्शा चलाने जैसी चुनौतियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराने वाले झंडू ने साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे परिस्थितियां कभी बड़ी नहीं होतीं। अब कॉमनवेल्थ गेम्स के बाकी मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों से पदकों की उम्मीद और बढ़ गई है।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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