ईरान-इजरायल और अमेरिका के युद्ध के चलते आज शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 2200 अंक तक टूटा वहीं निफ्टी में भी करीब 700 अंकों की गिरावट दर्ज हुई। कच्चे तेल की कीमतों में आई अचानक भारी उछाल के चलते आज ग्लोबल मार्केट में शुरू से दबाव देखा गया। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 20% की तेजी देखी गई जिससे कच्चे तेल की कीमत $100 के पार पहुंच गई है। हालांकि शेयर बाजार में निचले स्तर से अच्छी रिकवरी देखने को मिली जिसके बाद निफ्टी 422 अंक गिरकर 24028 और सेंसेक्स 1353 अंक गिरकर 77566 के स्तर पर बंद हुआ।
सोमवार को बाजार में दबाव के चलते InterGlobe Aviation (IndiGo) का शेयर करीब 8% तक गिरा। वहीं सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा प्रभावित रहा और इसमें 4% से अधिक की गिरावट आई। इसके अलावा निफ्टी मेटल, निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स भी 3-4% तक टूट गए।
| निफ्टी गेनर्स | बढ़त (%) |
| Wipro | 1.64 |
| Reliance | 0.98 |
| Apollo Hospital | 0.86 |
| Infosys | 0.58 |
| HCL Tech | 0.42 |
| निफ्टी लूजर्स | गिरावट (%) |
| TMPV | 5.27 |
| Ultratech Cement | 5.25 |
| Maruti | 4.67 |
| Eicher Motors | 4.53 |
| M&M | 4.44 |
बाजार में गिरावट का बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में WTI क्रूड करीब 118 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड भी लगभग 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। यह 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार है जब तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंची हैं।
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विशेषज्ञों के मुताबिक मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में तेल टैंकरों पर हमलों की खबरों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब 20% हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है, इसलिए यहां संकट बढ़ने से वैश्विक बाजारों पर सीधा असर पड़ रहा है।