Naresh Bhagoria
19 Jan 2026
पल्लवी वाघेला-प्रवीण श्रीवास्तव, भोपाल। पुष्पानगर क्षेत्र में 2016 में दुष्कर्म का शिकार हुई अनीता (बदला हुआ नाम) के आरोपी को तीन साल पहले दस वर्ष की सजा हो चुकी है। अनीता की मां ने बताया कि उस वक्त वह 12 साल की थी। इस घटना ने मेरी बेटी की मासूमियत और हंसी दोनों छीन ली थी। हमने लगातार उसकी काउंसलिंग कराई। घर भी बदल दिया ताकि माहौल बदल सके। धीरे-धीरे वह सामान्य जीवन में लौटने लगी। पूरा ध्यान पढ़ाई में लगाने लगी। पिछले साल महाराष्ट्र में उसकी शादी हो गई है और वह पति के साथ अपना स्टार्टअप शुरू कर चुकी है। साथ ही एमबीए का प्लान भी कर रही है।
17 साल की मीनल (बदला हुआ नाम) के साथ जनवरी 2018 को दुष्कर्म हुआ। दुष्कर्म के चलते वह गर्भवती हो गई और उसने एक मृत बच्ची को जन्म दिया। मीनल के शब्दों में- लोक-लाज के डर से स्कूल जाना छोड़ दिया था। एक साल डिप्रेशन में रही। लेकिन मेरे पापा ने कहा तुमने कुछ गलत नहीं किया, बस एक गलती थी कि चुपचाप सहन किया, हमें बताया नहीं कि तुम्हारे साथ गलत हो रहा है। अब कुछ सहना नहीं। पापा के सपोर्ट से मैंने पूरा ध्यान स्पोर्ट्स में लगाया। मैं दसवीं की परीक्षा दे रही हूं और कबड्डी, खोखो और वॉलीबॉल भी खेलती हूं। अब बस एक सपना है कि मिलिट्री अफसर बनना है।
15 साल की अमीषा (बदला हुआ नाम) की मम्मी सरकारी सेवा में थी। यह सिंगल मदर जॉब पर जाती तो अपार्टमेंट के गार्ड को बच्ची का ध्यान रखने को कहकर जाती थी। लेकिन, 70 वर्षीय गार्ड ने उसका कई बार रेप किया और मां को मार डालने की धमकी दी। बेटी के गर्भवती होने पर मां को पता चला। 2016 में गौरवी की मदद से एफआईआर हुई। वर्तमान में अमीषा लॉ स्टूडेंट है और एनजीओ से जुड़कर बच्चियों की मदद भी करती है। अमीषा ने बताया कि उस वक्त डिप्रेशन में चली गई थी। लेकिन मां ने हिम्मत दिखाई। काउंसलिंग से भी मदद मिली और आज मेरी कोशिश है कि दूसरी लड़कियों को हिम्मत दे सकूं।
गुना के पास एक गांव में आठ साल की रोशनी (परिवर्तित नाम) के साथ पड़ोसी ने दुष्कर्म और बुरी तरह मारपीट भी की। यही नहीं रोशनी के प्रायवेट पार्ट में लकड़ी का ठूंठ घुसा दिया। करीब एक साल तक कई आॅपरेशन के बाद रोशनी की जाच बचाई जा सकी। घटना के बाद रोशनी मानसिक आघात से अब तक नहीं उबर पाई। लगातार काउंसलिंग सेशन चल रहे हैं।
चार साल की उम्र में फिजा (परिवर्तित नाम) के साथ उसके चाचा ने दुष्कर्म किया और जख्मी हालत में जंगल में छोड़ दिया। हमीदिया अस्पताल रैफर किया गया। फिजा की मां रेहाना का कहना है कि डॉक्टर ने बताया कि फिजा कभी मां नहीं बन सकेगी। फिजा अब किसी से बात करने में डरती है। घटना से उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई है। वह जिंदा रहकर भी रोज मर रही है।