MP News :मप्र में अप्रैल से चलेंगी इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसें, बड़े शहरों में बनेंगे डिपो

अशोक गौतम,भोपाल। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत सरकार अप्रैल से इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी में है। सबसे पहले इंदौर और उज्जैन संभाग से शुरुआत की जाएगी। इससे पहले सरकार डिपो बनाने के लिए इन दोनों शहरों में 5-7 हेक्टेयर जमीन की तलाश कर रही है। इसके बाद भोपाल सहित अन्य बड़े शहरों में चरणबद्ध तरीके से बसों का संचालन शुरू होगा।
एक साल में सभी जिलों में सुविधा
तय कार्यक्रम के अनुसार, सेवा शुरू होने के एक वर्ष के भीतर सभी जिलों में सुगम परिवहन सेवा उपलब्ध होगी। फिलहाल इंदौर, उज्जैन, सागर और जबलपुर के लिए यात्रियों की संख्या एवं मार्ग सर्वेक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। डिपो का संचालन और उसके मेंटेनेंस का काम बस ऑपरेटर समिति करेगी। सरकार डिपो के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर समिति को सौपेगी। डिपो में पीपीपी मोड पर ऑपरेटरों के लिए कार्यालय, ईवी चार्जिंग, सीएनजी, पेट्रोल पंप और वर्कशॉप तथा मैकेनिक मार्केट का निर्माण किया जाएगा।
परिवहन विभाग का ऑफिस भी होगा
विकासकर्ता एजेंसी यहां दुकानें, ऑफिस स्पेस तैयार कर खर्च की राशि निकाल सकेगी। यहां परिवहन विभाग का भी ऑफिस होगा, जहां से वह बसों के संचालन की जांच-पड़ताल कर सकेगी। अप्रैल, 2027 से प्रदेशभर में बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य है। इसके तहत 10,879 बसें चलाई जाएंगी। ये बसें निजी ऑपरेटरों की होंगी। इनके संचालन, प्रबंधन और किराया संरचना पर सरकार का नियंत्रण होगा।
छोटे-बड़े शहरों को आपस में जोड़ने पर फोकस
इन बसों के जरिए छोटे शहरों को बड़े शहरों से जोड़ा जाएगा। Ñलोगों की सुविधा के लिए शहर की बसें आसपास के गांव और शहरों तक जा सकेंगी। इसके लिए सरकार जल्द ही परिवहन अधिनियम में बदलाव करने की तैयारी में है। वर्तमान में शहरी परिवहन सेवा संचालित करने वाली बसों को शहर की सीमा से बाहर जाने के लिए परमिट नहीं दिया जाता था।
किराए का भी होगा निर्धारण
सरकार नए सिरे से बसों का किराया भी तय करेगी। किराए का निर्धारण बस ऑपरेटरों के सुझाव और महंगाई दर के आधार पर होगा। किराया शुरुआती एक किमी के लिए 7 रुपए तथा उसके बाद प्रति किमी 1.25 रुपए निर्धारित है। इसी दर से 50 किमी का किराया 70 रुपए बनता है, जबकि वर्तमान में निजी बस संचालक 50 प्रतिशत तक अधिक किराया वसूल रहे हैं।
20 वर्ष बाद फिर शुरू होगी सरकारी परिवहन सेवा
2005 में 700 करोड़ रुपए से अधिक घाटे के कारण मप्र राज्य सड़क परिवहन निगम को सरकार ने बंद कर दिया था। इसके बाद बस संचालन पूरी तरह निजी क्षेत्र पर निर्भर था, जिससे मनमाना किराया, वाहनों की खराब फिटनेस और क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाने जैसी समस्याएं सामने आ रही थीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदभार ग्रहण करने के बाद दोबारा सरकारी सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने के निर्देश दिए थे।
सुलभ परिवहन सेवा मिलेगी
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बसों के संचालन की शुरुआत इंदौर से की जाएगी। इसके बाद क्रमश: सभी जिलों और शहरों में संचालन होगा। इससे लोगों को सहज, सुलभ और सस्ती परिवहन सेवा उपलब्ध हो सकेगी।
उदय प्रताप सिंह, मंत्री, परिवहन विभाग





















