
नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुवार रात 92 साल की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे, घर पर बेहोश होने के बाद उन्हें रात 8:06 बजे दिल्ली AIIMS लाया गया था। जहां रात 9:51 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूर्व पीएम के निधन पर सरकार ने 7 दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। साथ ही शुक्रवार को होने वाले सभी कार्यक्रम कैंसिल कर दिए गए हैं। मनमोहन सिंह, 2004 में देश के 14वें प्रधानमंत्री बने थे। वे देश के पहले सिख और सबसे लंबे समय तक रहने वाले चौथे प्रधानमंत्री थे।
राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाया गया
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया। भारत सरकार ने आज के लिए निर्धारित सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और 7 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। सुबह 11 बजे कैबिनेट मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें मनमोहन सिंह के श्रद्धांजलि दी जाएगी।
कल होगा अंतिम संस्कार
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार कल (28 दिसंबर) किया जा सकता है। मनमोहन सिंह के निधन की जानकारी मिलने के बाद उनकी एक बेटी अमेरिका से दिल्ली लौट रही हैं।
अविभाजित हिंदुस्तान में जन्म
डॉ. सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के झेलम जिले के गाह गांव में हुआ था। उनकी मां अमृत कौर और पिता गुरमुख सिंह थे। उनके पिता एक कंपनी में क्लर्क थे। डॉ. सिंह ने वर्ष 1948 में पंजाब विश्वविद्यालय से मैट्रिक की शिक्षा पूरी की। बाद में उन्होंने ब्रिटेन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1957 में उन्होंने अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी से आॅनर्स की डिग्री अर्जित की। इसके बाद वर्ष 1962 में उन्होंने आॅक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नूफिल्ड कॉलेज से अर्थशास्त्र में डी.फिल किया। डॉ. सिंह और उनकी पत्नी गुरशरण कौर की तीन बेटियां हैं।
शिक्षा से लेकर प्रधानमंत्री तक का सफर
- 1954 : पंजाब विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की।
- 1957: कैम्ब्रिज विवि से इकॉनॉमिक्स ट्रिपोस।
- 1962: ऑक्सफोर्ड विवि से अर्थशास्त्र में डी.फिल।
- 1971: वाणिज्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार के रूप में भारत सरकार में शामिल हुए।
- 1972: वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार।
- 1980-82: योजना आयोग के सदस्य।
- 1982-1985 : भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर।
- 1985-87: योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे।
- 1987-90 : जिनेवा में दक्षिण आयोग के महासचिव।
- 1990: आर्थिक मामलों पर पीएम के सलाहकार।
- 1991: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष।
- 1991-96: नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री।
- 1991: असम से राज्यसभा के लिए चुने गए।
- 1995, 2001, 2007 और 2013 में फिर से राज्यसभा सदस्य चुने गए।
- 1998-2004: राज्यसभा में विपक्ष के नेता।
- 2004-2014: भारत के प्रधानमंत्री।
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