मंडला के ऐतिहासिक फोर्ट घाट पर अतिक्रमण का मामला, हाईकोर्ट ने ASI को पक्षकार बनाने के दिए निर्देश

मंडला के ऐतिहासिक फोर्ट घाट के आसपास अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को भी पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं।
ऐतिहासिक किले को बचाने की मांग
यह जनहित याचिका जबलपुर के शारदा चौक निवासी और गढ़ा गोंडवाना संरक्षक संघ के अध्यक्ष किशोरी लाल भलावी समेत दो अन्य लोगों ने दायर की है। याचिका में मंडला की ऐतिहासिक धरोहर को अतिक्रमण से बचाने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 14वीं शताब्दी में गोंड राजा नरेंद्र शाह द्वारा बनवाए गए इस किले के आसपास बड़े स्तर पर अतिक्रमण हो चुका है। इसके अलावा किले के पास नर्मदा नदी के तट से 300 मीटर के दायरे में भी अतिक्रमण होने का दावा किया गया है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
याचिका में कहा गया है कि अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन को आवेदन दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया गया।
हाईकोर्ट ने ASI को पक्षकार बनाने को कहा
बुधवार को चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक रूसिया की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता बालकिशन चौधरी ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने देखा कि याचिका में बनाए गए पक्षकारों की सूची में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को शामिल नहीं किया गया है। इस पर बेंच ने ASI को भी मामले में पक्षकार बनाने के निर्देश दिए। याचिका में फोर्ट घाट और उसके आसपास किए गए अतिक्रमण को हटाने की मांग की गई है, ताकि मंडला की ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके।



















