युवाओं के लिए सीएम योगी का बड़ा ऐलान, UP में अगले 6 महीने में एक लाख युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी

गोरखपुर में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है और आगे भी नियुक्ति प्रक्रिया जारी रहेगी। योगी ने कहा कि युवाओं को बिना भेदभाव और तय नियमों के तहत नौकरी देने पर जोर है।
6 महीने में एक लाख नियुक्तियों का ऐलान
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले अगले छह महीने के अंदर एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह काम 19 सितंबर से शुरू किया जाएगा। इससे पहले सरकार साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा कर चुकी है।
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युवाओं को बिना भेदभाव नौकरी मिले-सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश के नौजवानों को बिना भेदभाव नौकरी मिले। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में योग्य अभ्यर्थियों का चयन तय नियमों और आरक्षण व्यवस्था के तहत किया जा रहा है। पहले भी सरकार ने नियुक्तियों में पारदर्शिता और नियमों के पालन की बात कही है।
टीजीटी-पीजीटी भर्ती का भी जिक्र
सीएम योगी ने कहा कि बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी शिक्षकों की नियुक्ति के विज्ञापन जारी हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इससे शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात सामने आई है।
'2017 से पहले सैफई सिंडिकेट वसूली करता था'
सीएम योगी ने 2017 से पहले की सरकारों की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय नौकरी निकलने के बाद वसूली के लिए सिंडिकेट सक्रिय हो जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरी के लिए सौदेबाजी होती थी, मामले न्यायालय तक पहुंचते थे और स्टे के कारण युवाओं का समय और भविष्य प्रभावित होता था।
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कानून व्यवस्था पर भी रखी बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में कानून व्यवस्था खराब होने के कारण प्रदेश की पहचान प्रभावित हुई और उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाने लगा। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश कर्फ्यू और दंगों से मुक्त है और कानून का राज है। उनके मुताबिक अपराधियों पर कार्रवाई के कारण कोई अपराधी खुलेआम धमकी, अपहरण या फिरौती जैसी वारदात नहीं कर सकता।




















