
पश्चिम अफ्रीका का देश माली एक बार फिर बड़े आतंकी हमले से दहल गया है। इस बार हमला इतना बड़ा और संगठित बताया जा रहा है कि पिछले कई सालों में ऐसा हमला नहीं देखा गया। राजधानी बामाको के आसपास से लेकर सोने की खदानों वाले इलाकों तक, कई जगहों पर एक साथ हमले किए गए। इन हमलों के बाद पूरे देश में अफरा-तफरी का माहौल है। सबसे चौंकाने वाली खबर यह है कि इस हमले में माली के रक्षा मंत्री सादियो कैमारा के मारे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन अगर यह सच साबित होता है तो यह माली की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा झटका होगा।
जानकारी के मुताबिक, आतंकियों ने एक ही समय पर कई जगहों को निशाना बनाया। राजधानी के पास सैन्य ठिकानों, खदान क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील इलाकों में हमले हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला किसी छोटे समूह का काम नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे बड़ी और प्लानिंग के साथ काम करने वाली ताकत है। इस तरह का समन्वित हमला बताता है कि हमलावरों ने लंबे समय तक इसकी तैयारी की थी।
फ्रांस की एक रिपोर्ट के अनुसार, JNIM (अल-कायदा से जुड़ा आतंकी संगठन) के लड़ाकों ने बामाको के बाहर स्थित काटी मिलिट्री बेस पर हमला किया। यह वही जगह है जहां रक्षा मंत्री सादियो कैमारा का आवास बताया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उनके घर को निशाना बनाया गया और इस हमले में उनकी मौत हो गई। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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हमले सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहे। शनिवार के बाद रविवार को भी राजधानी के पास हालात सामान्य नहीं हुए। एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी के पास स्थित एक सैन्य कैंप से दोबारा गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। इससे साफ है कि हालात अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आए हैं और सुरक्षा बल स्थिति संभालने में लगे हैं।
माली के उत्तरी हिस्से में स्थित किडाल शहर लंबे समय से संघर्ष का केंद्र रहा है। यहां सरकार और विद्रोही गुटों के बीच कई बार टकराव हो चुका है। इस बीच विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने किडाल शहर को सरकारी सेना से वापस छीन लिया है। हालांकि, इस दावे की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
हमले के बाद कितने लोगों की मौत हुई है और कितने घायल हुए हैं, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। सरकारी एजेंसियां हालात का आकलन कर रही हैं और अलग-अलग जगहों से रिपोर्ट आने का इंतजार है। ऐसे में माना जा रहा है कि आंकड़े और बढ़ सकते हैं।
इस हमले को बेहद खतरनाक इसलिए माना जा रहा है क्योंकि पहले आतंकी दूर-दराज के इलाकों में हमले करते थे। वहीं इस बार उन्होंने राजधानी बामाको के करीब और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। रक्षा मंत्री जैसे बड़े नेता को निशाना बनाया गया। कई जगहों पर एक साथ हमला हुआ जो यह दिखाता है कि यह बहुत सोची-समझी और बड़ी योजना थी।
माली पश्चिमी अफ्रीका का एक देश है। यहां कई सालों से आतंकी संगठन और विद्रोही गुट सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं। माली में फिलहाल फौजी सरकार है यानी सेना ने सत्ता संभाली हुई है। इस सरकार के खिलाफ दो बड़े दुश्मन हैं। एक है JNIM, जो अल-कायदा से जुड़ा आतंकी संगठन है और दूसरे हैं तुआरेग विद्रोही, जो उत्तरी माली में अपनी अलग सत्ता चाहते हैं।