भारतीय क्रिकेटर ईशान किशन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 54 रनों की शानदार पारी खेली है। लेकिन उनके लिए यह मैच मैदानी जंग के साथ-साथ खुद के जंग से भी जुड़ा था। वह सामने से तो मुस्कुरा रहे थे, लेकिन उनके हंसते हुए चेहरे के पीछे एक कभी न मिटने वाला दर्द छिपा था। लाइफ के पर्सनल लॉस के बावजूद, ईशान ने देश के कर्तव्य को सर्वोपरि रखा और भारत को टी-20 वर्ल्ड कप की जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, फाइनल मैच के ठीक दो दिन पहले शुक्रवार को एक भीषण कार हादसे में ईशान ने अपनी बहन और जीजा को खो दिया। भले ईशान की गुजरी हुई उनकी वह चचेरी बहन हैं। लेकिन वह बचपन से अपनी इस बहन के बहुत करीब थे। ऐसे में हादसे की खबर मिलते ही ईशान का परिवार तो गहरे सदमे में डूब ही गया। ईशान भी पूरी तरह से टूट चुके थे।
ईशान के पिता प्रणव पांडे ने बताया,कि 'अनर्थ हो गया, हम बहुत बड़ी मुसीबत में हैं। इस मुसीबत की घड़ी में हमारा बच्चा हमारे पास आना चाहता था, लेकिन वर्ल्ड कप फाइनल की जिम्मेदारी के कारण वह नहीं लौट सका। क्योंकि हमसे पहले वह देश का बेटा है। पूरी तरह से टूट चुके ईशान ने देश कत्वर्य को परिवार कत्वर्य से पहले रखा, जो एक पिता के लिए हमेशा से गौरवान्वित करने वाली बात है। घर में अचानक से पसरे मातम की वजह से ईशान के पिता फाइनल देखने अहमदाबाद नहीं पहुंच सके।
अपनी बहन को खोने की वजह से फाइनल से पहले प्रैक्टिस सेशन के दौरान ईशान के व्यवहार में एक गहरी उदासी थी। उनकी एनर्जी और मस्ती सब गायब थी। उन्होंने बहुत कम देर तक बल्लेबाजी की और पूरे प्रैक्टिस मैच में बहुत ही शांत दिखे। उनकी इस मुश्किल घड़ी में टीम के सभी अन्य खिलाड़ियों ने उनका जज्बा बनाए रखना। अभ्यास के दौरान उनके कंधे पर हाथ रख उनकी हौसला अफजाई लगातार करते दिखे।
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ईशान के हौसले का अंदाज उनकी शानदार तूफानी पारी से लगाया जा सकता है। तमाम मानसिक दबाव और दुख के बावजूद, जब ईशान नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे, तो बल्ला उठाते ही बेझिझक निडर खेलते चले गए। क्रिकेट मैदान पर उनके बल्ले का डर हमेशा से विपक्षी टीम को रहता है, जो इसबार भी दिखा। उन्होंने मात्र 25 गेंदों में 54 रनों की शानदार पारी खेली। अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद ईशान ने अपना बल्ला आसमान की तरफ उठाया, और अपने हमेशा के लिए खो दिए रिश्तों को, अपनों को सच्ची श्रद्धांजलि दी।
ईशान ने न सिर्फ बल्लेबाजी बल्कि फील्डिंग में भी कमाल कर दिखाया। रचिन रवींद्र व टिम सेफर्ट के दो अविश्वसनीय कैच पकड़े। इस पूरे क्रिकेट टूर्नामेंट में देश के लिए सबसे सफल बल्लेबाजों में से वह एक रहे। उन्होंने 9 पारियों में 317 रन बनाए और टूर्नामेंट के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी की लिस्ट में अपना नाम सबसे उपर रखा। व्यक्तिगत जीवन में आई अपनी अचानक की क्षति को उन्होंने अपने काम के बीच कभी आड़े नहीं आने दिया। सचमुच ईशान ने अहम भागदारी देते हुए देश को टी20 वर्ल्ड कप जिताने में कोई कसर नहीं छोड़ी।