महाकुंभ 2025 : सीएम डॉ. मोहन यादव और भजनलाल शर्मा ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी

प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागरज में चल रहे महाकुंभ में शनिवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संगम में पवित्र स्नान किया। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के साथ उनकी धर्मपत्नियां भी मौजूद थीं। सांसद अनुराग ठाकुर ने भी पत्नी के साथ संगम में स्नान किया।
स्नान का सौभाग्य प्राप्त हुआ : यादव
संगम में डुबकी लगाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, "मां गंगा और मां यमुना की कृपा है कि मैं यहां स्नान का सौभाग्य प्राप्त कर सका। तीर्थराज प्रयाग सब तीर्थों का राजा है। यहां स्नान करना कई जन्मों के पुण्य का फल है। मैंने मध्य प्रदेश की जनता, विशेष रूप से युवाओं की भलाई, बेरोजगारों को रोजगार और समाज की खुशहाली के लिए प्रार्थना की है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आने वाले समय में उज्जैन में होने वाले कुंभ के लिए भी यहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इससे पहले अधिकारियों का दल भी यहां आ चुका है और अब मैं स्वयं भी साधु संतों का मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करूंगा।
मैं तीर्थराज प्रयाग की पावन भूमि पर आया हूं : यादव
संगम पहुंचने से पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मैं तीर्थराज प्रयाग की पावन भूमि पर आया हूं। यहां सभी प्रदेशवासियों की ओर से आस्था की डुबकी लगाने। मेरी ओर से उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शुभकामनाएं। जिन्होंने इस भव्य महाकुंभ का कुशलता से आयोजन किया।
अनुराग ठाकुर ने पत्नी के साथ लगाई डुबकी
पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर ने भी संगम में स्नान किया। ठाकुर के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थीं। सांसद अनुराग ठाकुर ने अपने आधिकारिक ‘एक्स' हैंडल पर स्नान की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘मां गंगा, यमुना और सरस्वती के शुभाशीष से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का वास हो।' आधिकारिक बयान के मुताबिक, ठाकुर ने इस अवसर पर मां गंगा, यमुना और सरस्वती की दिव्य धाराओं के संगम पर पूजा-अर्चना की और सर्वकल्याण की कामना की। उन्होंने महाकुंभ को 'एकता का महाकुंभ' बताया और इसे भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक करार दिया।मौनी अमावस्या पर 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया था स्नान
जानकारी के मुताबिक, ‘‘सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर डुबकी लगाई। एक फरवरी और 30 जनवरी को दो-दो करोड़ से अधिक और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में डुबकी लगाई।”





















