महादेव ऐप केस: मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया, CBI कल रायपुर कोर्ट में करेगी पेश

सौरभ चंद्राकर को केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से भारत लाया गया है। चिकित्सकीय परीक्षण और ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे रायपुर ले जाया जाएगा। CBI की जांच में महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क के जरिए देशभर में अवैध सट्टेबाजी का कारोबार चलाने का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी के मुताबिक, सट्टे से मिली रकम म्यूल बैंक खातों और हवाला नेटवर्क के जरिए विदेश भेजी जाती थी। इस मामले में कुछ लोक सेवकों को कथित तौर पर संरक्षण राशि दिए जाने की बात भी सामने आई है।
CBI के दो मामलों में वांछित है आरोपी
सौरभ चंद्राकर CBI के दो मामलों में वांछित है। इन दोनों मामलों में जांच एजेंसी पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक मामले में भी उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की जा चुकी है। महादेव ऑनलाइन बुक प्रकरण की जांच CBI ने छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर शुरू की थी।
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बड़े अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल था महादेव बुक
जांच के दौरान सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक देश के बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में से एक था, जिसका संचालन विदेश से किया जा रहा था। इस प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ताश और दूसरे आयोजनों पर अवैध सट्टा लगाया जाता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, फ्रेंचाइजी आधारित पैनल और शाखाओं के जरिए देशभर में लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ा जाता था और उनसे दांव की रकम जमा कराई जाती थी।
म्यूल बैंक खातों और हवाला से विदेश भेजी रकम
CBI की जांच में पता चला कि अवैध सट्टेबाजी से मिलने वाली रकम को बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खातों के जरिए अलग-अलग लेनदेन में घुमाया जाता था। इस तरह पैसों को कई स्तरों पर ट्रांसफर करने के बाद हवाला नेटवर्क के माध्यम से विदेश भेजा जाता था। जांच एजेंसी का दावा है कि अवैध कमाई का एक हिस्सा कुछ लोक सेवकों को कथित तौर पर संरक्षण राशि देने में भी इस्तेमाल किया गया, ताकि सट्टेबाजी का यह नेटवर्क बिना रुकावट चलता रहे।
भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में आरोपपत्र
CBI ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की है। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराओं में भी आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत भी मामले में कार्रवाई की गई है। सौरभ चंद्राकर इन मामलों में प्रमुख आरोपियों में शामिल है।
ED कई संपत्तियां कर चुकी है अटैच
महादेव ऑनलाइन बेटिग मामले में प्रवर्तन निदेशालय भी लगातार जांच कर रहा है। ED भारत और विदेश में स्थित नेटवर्क से जुड़ी कई संपत्तियों को पहले ही अटैच कर चुकी है। वहीं, CBI के दो मामलों में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद अब सौरभ चंद्राकर को भारत लाया गया है। रायपुर की विशेष अदालत में पेशी के बाद मामले में आगे की कानूनी और जांच प्रक्रिया बढ़ेगी।




















