INDIA ब्लॉक की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली आज, 19 दलों के नेता होंगे शामिल; दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन

दिल्ली के रामलीला मैदान में आज INDIA ब्लॉक की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली आयोजित की जा रही है। इस रैली के जरिए कांग्रेस समेत विपक्षी दल अपनी एकजुटता और राजनीतिक ताकत दिखाने की तैयारी में हैं। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव समेत INDIA गठबंधन के 19 दलों के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। रैली का मुख्य उद्देश्य चुनावी अनियमितताओं का मुद्दा उठाना, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का विरोध करना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना है।
रामलीला मैदान में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन
'वोट बचाओ, देश बचाओ' के नारे के साथ आयोजित इस रैली में विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों का मुद्दा उठाएंगे। इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के साथ छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के भी शामिल होने की उम्मीद है। रैली में शामिल होने के लिए अलग-अलग राज्यों से समर्थकों का दिल्ली पहुंचना शुरू हो गया है। वामपंथी दलों के समर्थक भी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे हैं।
रैली के कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रामलीला मैदान में जनसभा आयोजित की जाएगी। वहीं, दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला जाएगा। INDIA ब्लॉक के वरिष्ठ नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से खुली बसों में सवार होकर मार्च के शुरुआती स्थान तक पहुंचेंगे। इसके बाद सभी नेता रैली में शामिल होकर अपनी बात रखेंगे।
SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाएगा विपक्ष
INDIA ब्लॉक की इस रैली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर कई सवाल हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव और हर मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा सबसे जरूरी है।
विपक्ष इस रैली के माध्यम से चुनावी अनियमितताओं के आरोपों पर सवाल उठाने के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी करेगा। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर गठबंधन के नेता एक मंच पर जुटकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव समेत 19 दलों के नेता होंगे शामिल
इस रैली में INDIA गठबंधन के कई बड़े राजनीतिक चेहरे नजर आ सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के अलावा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और राजद नेता तेजस्वी यादव के शामिल होने की उम्मीद है। इनके अलावा गठबंधन में शामिल अन्य 19 दलों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।
राजनीतिक लिहाज से इस रैली को विपक्षी एकजुटता के बड़े प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। अलग-अलग राज्यों में सक्रिय राजनीतिक दलों का एक मंच पर आना इस बात का संकेत है कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहता है। रैली में नेताओं के संबोधन और उनके राजनीतिक संदेश पर भी सबकी नजर रहेगी।
4 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। रैली और मार्च के रास्ते पर 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियां तैनात रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए रामलीला मैदान को 14 जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी सहायक पुलिस आयुक्त यानी ACP स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।
भीड़ पर नजर रखने के लिए 200 से अधिक CCTV कैमरों के साथ ड्रोन और बॉडी-वॉर्न कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा मैदान के अंदर एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। आयोजकों ने रैली में 10 लाख तक लोगों के पहुंचने की संभावना जताई है, जबकि दिल्ली पुलिस का अनुमान करीब 50 हजार लोगों के जुटने का है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही हैं।
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रैली के कारण दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन
रैली के मद्देनजर दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कई सड़कों पर ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे। ITO, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट के आसपास वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। इसके अलावा मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के आसपास भी यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका है।
दिल्ली पुलिस ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे रैली के रास्तों से गुजरने से बचें और यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी जरूर लें। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की भी अपील की गई है। रैली के दौरान सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना भी एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
10 लाख लोगों के जुटने का दावा
'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली को INDIA ब्लॉक के लिए राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि इस कार्यक्रम में 10 लाख तक लोग पहुंच सकते हैं, जबकि पुलिस का अनुमान इससे काफी कम है। ऐसे में रैली में वास्तविक रूप से कितनी भीड़ जुटती है, यह भी चर्चा का विषय रहेगा।



















