Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

सपा नेता आजम खान फिर न्यायिक हिरासत में: गाजियाबाद कोर्ट ने 14 दिन के लिए भेजा डासना जेल

सपा नेता Azam Khan को गाजियाबाद की अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। ईडी ने उन्हें जौहर यूनिवर्सिटी मामले में रामपुर जेल से गिरफ्तार किया था।
सपा नेता आजम खान फिर न्यायिक हिरासत में: गाजियाबाद कोर्ट ने 14 दिन के लिए भेजा डासना जेल

सपा नेता आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गाजियाबाद की अदालत ने रविवार को यह आदेश सुनाया। PMLA court के आदेश पर उन्हें डासना जेल भेजा जाएगा। ईडी ने उन्हें शनिवार को रामपुर जेल से गिरफ्तार किया था। मामला जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा है।

समझें क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश में Azam Khan का नाम फिर सुर्खियों में है। वे समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें और बेटे अब्दुल्ला आजम को जमानत दी थी।

जेल से रिहा होते ही आजम खान को ईडी ने हिरासत में लिया, बोले- क्या मुसलमान होने की सजा मिली?

रिहाई की शाम क्या हुआ था?

जमानत यानी कोर्ट की शर्तों पर जेल से रिहाई। यह दो पैन (PAN – Permanent Account Number) कार्ड मामले में मिली थी। दोनों को 31 अक्टूबर की शाम जेल से रिहा होना था, लेकिन ईडी (ED – Enforcement Directorate) ने जेल से ही आजम को गिरफ्तार कर लिया।

आजम खान को लेकर जेल के बाहर काफी विरोध दिखा। आजम खान की गिरफ्तारी ठीक रिहाई के वक्त हुई। यानी एक मामले में जमानत मिली, पर दूसरे में कार्रवाई शुरू हो गई। जिस शाम रिहाई थी, उसी शाम गिरफ्तारी हो गई।

आजम खान की गिरफ्तारी की वजह

यह जौहर यूनिवर्सिटी मामला सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि सरकारी धन का गलत इस्तेमाल हुआ। यह धन सार्वजनिक ढांचे और आम जनता के कामों के लिए रखा गया था।

सड़क, पानी या अस्पताल जैसे काम इसी तरह के पैसे से होते हैं। आरोप है कि इसे निजी शिक्षण संस्थान जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में लगाया गया। ये अभी आरोप हैं, अदालत में साबित होना बाकी है। सवाल यह है कि पैसा कहां गया और किस काम में लगा। इसका जवाब जांच और अदालत में तय होगा।

दो पैन कार्ड केस में आजम खान को जमानत, फिर भी जेल से बाहर आने पर क्यों फंसा पेंच?

28 अक्टूबर को कुर्क हुई जमीन

इसी आरोप के आधार पर ईडी ने 28 अक्टूबर को कार्रवाई की। विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को कुर्क (संपत्ति पर कानूनी रोक) किया गया। Azam Khan Jauhar University case में कार्रवाई कुर्की के बाद गिरफ्तारी तक पहुंच गई। 28 अक्टूबर को कुर्की, 31 अक्टूबर को गिरफ्तारी।

पीएमएलए कोर्ट में क्या हुआ?

रविवार को ईडी ने आजम खान को गाजियाबाद में पेश किया। सुनवाई सीबीआई (CBI – Central Bureau of Investigation) कोर्ट नंबर-1 में हुई। यह अवनीश पांडे की अदालत है। यह आदेश पीएमएलए (PMLA – Prevention of Money Laundering Act) कोर्ट से आया है। वहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।

अब Dasna jail में उन्हें 14 दिन गुजारने होंगे। पीएमएलए का पूरा नाम धन शोधन रोकथाम कानून है। यह अवैध कमाई को वैध दिखाने के खेल को रोकने के लिए बना है। ईडी इसी कानून के तहत जांच करने वाली एजेंसी है।

न्यायिक हिरासत का मतलब क्या है?

आजम खान न्यायिक हिरासत में कोर्ट के आदेश से जेल में रहेंगे। यानी 14 दिन तक वे जेल की निगरानी में होंगे। पुलिस हिरासत में आरोपी जांच एजेंसी के पास रहता है। न्यायिक हिरासत में आरोपी जेल में रहता है। इसके बाद मामले में आगे की प्रक्रिया अदालत में चलेगी।

अब तक का क्रम समझिए। 28 अक्टूबर को जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतें कुर्क हुईं। 29 अक्टूबर को हाईकोर्ट से जमानत मिली। 31 अक्टूबर की शाम गिरफ्तारी हुई और रविवार को कोर्ट में पेशी।

मुसलमान होने की सजा, बोले आजम

आजम खान ने गिरफ्तारी के मौके पर सीधे शब्दों में अपनी बात रखी। यह उनका पक्ष है।

“मुझे मुसलमान होने की सजा मिल रही है। मेरा गुनाह यूनिवर्सिटी बनाना है।”
– आजम खान, सपा नेता

ईडी की कार्रवाई जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े आरोपों पर टिकी है। एक तरफ आजम खान का बयान है, दूसरी तरफ ईडी के आरोप। फैसला अदालत में सबूतों से होगा।

अब्दुल्ला आजम ने भी यही कहा

अब्दुल्ला आजम ने भी अपने बयान में यही बात दोहराई थी।

“हमें मुसलमान होने की सजा मिल रही है।”
– अब्दुल्ला आजम, आजम खान के बेटे

समाजवादी पार्टी ने भी इसे जानबूझकर आजम खान के खिलाफ साजिश बताया है। पार्टी का यह आरोप है। अभी जांच एजेंसी और अदालत की प्रक्रिया बाकी है।

यूपी की सियासत में तेज हलचल

जमानत के बाद रिहाई और फिर ईडी की कार्रवाई। इससे उत्तर प्रदेश (यूपी) की सियासत तेज हो गई है। सपा के बड़े नेता पूरे मामले पर निगाह रखे हैं। गिरफ्तारी के वक्त जेल के बाहर विरोध भी दिखा था। अब 14 दिन की हिरासत के बाद अदालत में मामला आगे बढ़ेगा। आप भी इस खबर के अगले अपडेट पर नजर रखिए।

Jitendra Shrivastava
By Jitendra Shrivastava

Latest Posts