सोहागपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
सोहागपुर। ज्ञापन में कांग्रेस ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा और संविधान में प्रदत्त अधिकारों की सुरक्षा के लिए देशभर में विरोध दर्ज कराने की बात कही। कांग्रेस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित INDIA ब्लॉक के सांसदों के साथ कथित अभद्र व्यवहार और बल प्रयोग का आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच की मांग की। इसके साथ ही राहुल गांधी को पद से हटाने की कार्रवाई वापस लेने, चुनावी व्यवस्था की अखंडता बहाल करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार को सुनिश्चित करने की मांग रखी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन सौंपने के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता मंगल सिंह रघुवंशी, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज सिंह पटेल, नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत जायसवाल, गजेंद्र सिंह चौधरी, भास्कर मांझी, जय चंदेल, अर्पित तिवारी, इरफान खान, विक्रम रघुवंशी, कमलेश मालवीय, राकेश चौधरी, मंजेश पटेल, आजाद पटेल, नीरज चौधरी, जलज शर्मा, धर्मेश ठाकुर सहित दर्जनों कांग्रेसी मौजूद रहे। कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) के निर्देश का हवाला दिया गया।
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राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के सांसदों को लेकर आरोप
ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के सांसद निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर की ओर जा रहे थे। इस दौरान उन्हें रोका गया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित वरिष्ठ नेताओं और INDIA ब्लॉक के सांसदों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे नेताओं को हिरासत में लिया गया और उनके साथ बल प्रयोग किए जाने से कई नेता घायल हुए।
चार प्रमुख मांगें ज्ञापन में रखीं
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता सहित जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखते हुए विपक्षी नेताओं के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की न्यायिक जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और राहुल गांधी को उनके पद से हटाए जाने की कार्रवाई तत्काल वापस लेने की मांग की गई। इसके अलावा चुनावी व्यवस्था की अखंडता को पूरी तरह बहाल करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार को सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई जारी रखने की बात
कांग्रेस ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार का संरक्षण किया जाना आवश्यक है। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की यह लड़ाई तब तक जारी रखेगी, जब तक उसकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।





















