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MP में जलसंकट पर सरकार अलर्ट!पेयजल विभागों की छुट्टियां रद्द, कलेक्टरों को रोज मॉनिटरिंग के निर्देश

मध्य प्रदेश में बढ़ते जलसंकट के मद्देनजर सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। पेयजल विभागों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और कलेक्टरों को प्रतिदिन स्थिति की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
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पेयजल विभागों की छुट्टियां रद्द, कलेक्टरों को रोज मॉनिटरिंग के निर्देश

मध्य प्रदेश में बढ़ते जलसंकट को देखते हुए सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पेयजल व्यवस्था से जुड़े नगरीय निकाय, पीएचई, जल निगम और पंचायत विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियों पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी कलेक्टरों को सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाकर खुद जल आपूर्ति की मॉनिटरिंग करने और रोज सुबह समीक्षा बैठक लेने को कहा गया है।

भीषण गर्मी और घटते जलस्तर से बढ़ी चिंता

रविवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्य सचिव ने कलेक्टरों, जिला पंचायत सीईओ, नगर निगम कमिश्नरों, पीएचई और जल निगम अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रदेश के ग्रामीण और मैदानी इलाकों में गहराते जलसंकट पर चर्चा हुई। सरकार ने माना कि लगातार बढ़ती गर्मी और गिरते जलस्तर के कारण कई जिलों में पेयजल संकट गंभीर होता जा रहा है। इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी पानी की कमी को लेकर लोगों का विरोध और आंदोलन सामने आ रहे हैं।

CM हेल्पलाइन की शिकायतें 2 दिन में निपटाने के निर्देश

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या ज्यादा है वहां तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। मीडिया और सोशल मीडिया में सामने आ रही जलसंकट की खबरों पर भी तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही CM हेल्पलाइन पर आने वाली पेयजल संबंधी शिकायतों का अधिकतम दो दिन के भीतर समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया है।

पंचायतों को खुद छोटे काम कराने की छूट

मुख्य सचिव ने ग्राम पंचायतों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मोटर खराब होने, पाइपलाइन टूटने या हैंडपंप खराब होने जैसी छोटी समस्याओं के लिए पीएचई विभाग का इंतजार न करें। सरकार ने कहा है कि पंचायतें अपने स्तर पर मरम्मत और सुधार कार्य करा सकती हैं। इसके लिए 16वें वित्त आयोग के फंड में प्रावधान किया गया है कि 50% राशि पेयजल और स्वच्छता कार्यों पर खर्च होगी। पंचायतें 10 हजार रुपए तक के छोटे काम बिना टेंडर और एस्टीमेट के आरईएस के जरिए करा सकेंगी। इसके लिए हिंदी में विस्तृत गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है।

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हैंडपंप, मोटर और पाइपलाइन तुरंत सुधारने के आदेश

बैठक में निर्देश दिए गए कि जहां हैंडपंप खराब हैं जल स्रोतों की मोटर बंद है या पाइपलाइन फूटी हुई है वहां तुरंत मरम्मत कराई जाए। सरकार ने साफ कहा कि छोटे-छोटे तकनीकी कारणों से लोगों को पानी के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।

टैंकर सप्लाई में पारदर्शिता रखने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन इलाकों में टैंकरों से पानी सप्लाई करना जरूरी है वहां पूरी व्यवस्था पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। किस गांव, मोहल्ले या कॉलोनी में कब टैंकर पहुंचेगा इसकी जानकारी पहले से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर इंदौर में टैंकर वितरण व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

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सरकार ने जारी किए 1500 करोड़ रुपए

बैठक में बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बोरवेल और अन्य जल स्रोत विकसित करने के लिए सरकार ने 1500 करोड़ रुपए जारी किए हैं। इसके अलावा पंचायतों को जल व्यवस्था के रखरखाव के लिए 55 करोड़ रुपए अतिरिक्त उपलब्ध कराए गए हैं।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

मास कम्युनिकेशन में Ph.D और M.Phil पूर्ण की है तथा टीवी और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते ...Read More

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