PU Special :मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन का बढ़ा आकर्षण, उज्जैन बना प्रमुख केंद्र; चित्रकूट और मैहर में भी बढ़े पर्यटक

मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन का आकर्षण बढ़ा। उज्जैन के साथ चित्रकूट और मैहर में पर्यटक आगमन बढ़ा जबकि इंदौर मनोरंजन पर्यटन में आगे रहा। NSO रिपोर्ट में देश की घरेलू यात्राओं में धार्मिक गतिविधियां सबसे बड़ा कारण रहीं।
मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन का बढ़ा आकर्षण, उज्जैन बना प्रमुख केंद्र; चित्रकूट और मैहर में भी बढ़े पर्यटक
मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन का बढ़ा आकर्षण

पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की प्रमुख पसंद बना हुआ है। इसके साथ ही चित्रकूट और मैहर जैसे धार्मिक स्थलों पर भी पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की जुलाई 2025 से जून 2026 तक की घरेलू पर्यटन व्यय सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, देश में रातभर ठहरने वाली घरेलू यात्राओं में तीर्थ और धार्मिक गतिविधियां सबसे बड़ा कारण रहीं। 365 दिन की संदर्भ अवधि के आधार पर ऐसी करीब 48 प्रतिशत यात्राएं धार्मिक उद्देश्यों से की गईं। इसके बाद स्वास्थ्य और चिकित्सा से जुड़ी यात्राओं की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत रही। मध्यप्रदेश में धार्मिक स्थलों पर बढ़ते पर्यटक आगमन के साथ मनोरंजन, विरासत और वन्यजीव पर्यटन भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। प्रदेश के पर्यटन आंकड़ों में इंदौर मनोरंजन पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में सामने आया है। वहीं, ग्वालियर और मांडू जैसे ऐतिहासिक स्थलों के साथ कान्हा, पन्ना और बांधवगढ़ के वन्यजीव क्षेत्र में भी पर्यटकों की आवाजाही दर्ज की गई है।

परिवार के साथ उज्जैन पहुंचे गोपाल चंद्र पुरवार

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर निवासी गोपाल चंद्र पुरवार 29 सितंबर को अपने परिवार के छह सदस्यों के साथ उज्जैन पहुंचे। उनकी प्राथमिकता महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने और भस्म आरती में शामिल होने की थी। परिवार ने उज्जैन के साथ खंडवा स्थित ओंकारेश्वर मंदिर के भी दर्शन किए। पुरवार ने बताया कि उनका परिवार उज्जैन में एक रात रुका। दूसरे राज्य से आकर मध्यप्रदेश के धार्मिक स्थलों पर दर्शन करने और यहां ठहरने वाले श्रद्धालुओं की यह एक मिसाल है। NSO की रिपोर्ट में भी धार्मिक यात्राओं का बड़ा हिस्सा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार घरेलू पर्यटन को केवल पर्यटकों की संख्या से नहीं मापा गया बल्कि यात्रा की अवधि, इस्तेमाल किए गए साधन, ठहरने की जगह और परिवार के खर्च जैसे पहलुओं को भी सर्वेक्षण में शामिल किया गया।

धार्मिक यात्रा में खर्च छुट्टी और चिकित्सा यात्रा से कम

NSO के सर्वेक्षण में अलग-अलग उद्देश्यों से की गई यात्राओं पर खर्च का भी आकलन किया गया है। रिपोर्ट में दिए गए औसत प्रति-यात्रा खर्च को दो यात्रियों के आधार पर समझाने पर धार्मिक यात्रा का खर्च करीब 15,388 रुपये बताया गया है। इसी तरह छुट्टी और मनोरंजन के लिए यात्रा पर करीब 23,446 रुपये, खरीदारी के लिए 37,962 रुपये और चिकित्सा यात्रा पर लगभग 64,334 रुपये का खर्च सामने आता है। ये आंकड़े किसी एक परिवार के वास्तविक बिल नहीं हैं, बल्कि औसत प्रति-यात्रा खर्च को दो यात्रियों के हिसाब से समझाने के लिए दिए गए हैं। अलग-अलग यात्राओं का वास्तविक खर्च यात्रा की दूरी, ठहरने की अवधि, परिवहन के साधन और अन्य जरूरतों के अनुसार बदल सकता है।

धार्मिक पर्यटन के बाद मनोरंजन में इंदौर आगे

मध्यप्रदेश पर्यटन निगम के आंकड़ों के अनुसार, मनोरंजन पर्यटन श्रेणी में प्रदेश में 3.37 करोड़ पर्यटक आगमन दर्ज किया गया। इस श्रेणी में इंदौर 2.8 करोड़ से अधिक पर्यटक आगमन के साथ सबसे आगे रहा। जबलपुर में 23.94 लाख और भोपाल में करीब 2.38 लाख अतिरिक्त पर्यटकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विरासत पर्यटन की श्रेणी में लगभग 59 लाख पर्यटक पहुंचे, जबकि वन्यजीव क्षेत्रों में करीब 17 लाख पर्यटकों का आगमन हुआ। इससे पता चलता है कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों के अलावा ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की ओर भी लोगों का रुझान बना हुआ है।

उज्जैन के बाद चित्रकूट और मैहर में बढ़े पर्यटक

धार्मिक पर्यटन में उज्जैन के बाद चित्रकूट और मैहर प्रमुख केंद्रों के रूप में सामने आए हैं। पर्यटन निगम के आंकड़ों के अनुसार, चित्रकूट में पर्यटक आगमन में 36.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, मैहर में 20.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। विरासत पर्यटन में ग्वालियर में पर्यटक आगमन 12.4 प्रतिशत और मांडू में 9.36 प्रतिशत बढ़ा। ये आंकड़े प्रदेश के अलग-अलग धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही को दर्शाते हैं।

MP का वो शहर जहां श्रीकृष्ण और शिव आमने-सामने आए थे, अब तीर्थ बनाने की मांग

मध्यप्रदेश में विदेशी पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी

प्रदेश में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश में 1.68 लाख विदेशी पर्यटक आए थे, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 1.83 लाख हो गई। इंदौर में विदेशी पर्यटकों का आगमन 9,964 से बढ़कर 17,240 दर्ज किया गया। वन्यजीव पर्यटन स्थलों में बांधवगढ़ में 31,390, कान्हा में 23,992 और पन्ना में 14,982 विदेशी पर्यटकों का आगमन दर्ज हुआ। इन आंकड़ों में धार्मिक और शहरी पर्यटन के साथ वन्यजीव पर्यटन की भूमिका भी दिखाई देती है।

पर्यटन आंकड़ों में शामिल किए गए नए धार्मिक स्थल

राज्य सरकार ने वर्ष 2025 के पर्यटक आंकड़ों में कई नए धार्मिक और अन्य पर्यटन स्थलों को शामिल किया है। इनमें छतरपुर का बागेश्वर धाम, दतिया की पीतांबरा पीठ और रतनगढ़ माता मंदिर, नलखेड़ा का बगलामुखी मंदिर, छिंदवाड़ा का पातालभैरवी मंदिर, सीहोर का कुबरेश्वर धाम और देवास की टेकरी शामिल हैं। इसके अलावा डिंडोरी का फॉसिल पार्क, रातापानी सेंक्चुरी और कूनो नेशनल पार्क को भी इन आंकड़ों में शामिल किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन स्थलों में सीहोर स्थित कुबरेश्वर धाम में डेढ़ करोड़ से अधिक धार्मिक पर्यटक पहुंचे। नए स्थलों को पर्यटन आंकड़ों में शामिल किए जाने से प्रदेश के धार्मिक, प्राकृतिक और अन्य पर्यटन केंद्रों की गतिविधियों का दायरा भी बढ़ा है। हालांकि अलग-अलग वर्षों के आंकड़ों की तुलना करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि नए स्थलों को शामिल करने से कुल पर्यटक आगमन के आंकड़ों पर भी असर पड़ सकता है।

PU Special : मप्र में निवेश का पूरा पैकेज: 43 हजार एकड़ औद्योगिक जमीन, खनिज संपदा से लेकर हाईवे तक मजबूत आधार

5 साल में पर्यटकों की संख्या 21 करोड़ से अधिक

मध्यप्रदेश पर्यटन निगम के प्रबंध संचालक दिलीप कुमार यादव के अनुसार प्रदेश में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और मध्यप्रदेश घरेलू पर्यटकों के प्रमुख गंतव्यों में अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने बताया कि पांच साल में पर्यटकों की संख्या 21 करोड़ से अधिक हो गई है। उनके मुताबिक पर्यटन के दायरे में कई नए धार्मिक स्थलों को भी शामिल किया गया है।

प्रदेश में उज्जैन, चित्रकूट और मैहर जैसे धार्मिक केंद्रों के साथ इंदौर, ग्वालियर, मांडू और वन्यजीव पर्यटन स्थलों पर दर्ज आगमन के आंकड़े पर्यटन के अलग-अलग क्षेत्रों की तस्वीर सामने रखते हैं। NSO की रिपोर्ट में देशभर की घरेलू रातभर की यात्राओं में धार्मिक गतिविधियों की बड़ी हिस्सेदारी दर्ज होने से तीर्थ पर्यटन का महत्व भी स्पष्ट होता है।

Dr. Sumit  Shrivastava
By Dr. Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...

Latest Posts