गुना के एडवोकेट लोकेंद्र श्रीमाल स्कूटर पार्क करते समय अचानक गिरे, हुई मौत, CCTV में कैद घटना

गुना: मध्य प्रदेश के गुना से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां के वरिष्ठ अधिवक्ता लोकेंद्र श्रीमाल का अचानक निधन हो गया। वह घर के बाहर अपना स्कूटर खड़ा कर रहे थे, तभी अचानक जमीन पर गिर पड़े। यह पूरी घटना घर के बाहर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। बताया जा रहा है कि कार्डियक अरेस्ट के कारण उनकी जान चली गई। उनके अचानक निधन से परिवार, परिचितों और जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं में शोक का माहौल है। हालांकि, उनके जाने के बाद परिवार ने ऐसा फैसला लिया, जिससे दो लोगों की जिंदगी में नई उम्मीद जग सकती है।
स्कूटर खड़ा करते समय अचानक जमीन पर गिरे वकील
जानकारी के अनुसार, गुना के वरिष्ठ अधिवक्ता लोकेंद्र श्रीमाल अपने घर के बाहर स्कूटर पार्क कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर गिर पड़े। बताया जा रहा है कि यह घटना इतनी जल्दी हुई कि आसपास मौजूद लोगों को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। घर के बाहर लगे CCTV कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। सामने आए फुटेज में लोकेंद्र श्रीमाल स्कूटर खड़ा करते हुए दिखाई देते हैं। इसी दौरान वह अचानक नीचे गिर जाते हैं। उन्हें जमीन पर गिरा देखकर परिजन और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
कार्डियक अरेस्ट से मौत
बताया जा रहा है कि लोकेंद्र श्रीमाल की मौत कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई। हालांकि, इस घटना ने उनके परिवार और जानने वालों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिला न्यायालय परिसर और अधिवक्ता समुदाय में भी उनके निधन से शोक है। एक वरिष्ठ वकील के अचानक चले जाने से सभी दुखी हैं।
मौत के बाद भी दो लोगों की जिंदगी में आएगा उजाला
लोकेंद्र श्रीमाल के निधन के बाद उनके परिवार ने एक ऐसा फैसला लिया, जो दूसरों के लिए मिसाल बन गया है। दरअसल, उन्होंने अपने जीवनकाल में नेत्रदान करने का संकल्प लिया था। उनके इस फैसले को याद रखते हुए परिवार ने उनके निधन के बाद नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी कराई। परिजनों के इस फैसले से दो दृष्टिबाधित लोगों को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद है। नेत्रदान के जरिए वे दुनिया को देख सकेंगे और अपने जीवन में नई शुरुआत कर पाएंगे।
परिवार ने पूरा किया लोकेंद्र श्रीमाल का संकल्प
लोकेंद्र श्रीमाल का अचानक निधन उनके परिवार और अधिवक्ता समुदाय के लिए बड़ी क्षति है। एक तरफ उनके जाने से परिवार में दुख का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ उनके नेत्रदान के संकल्प को पूरा करके परिजनों ने एक सराहनीय कदम उठाया है। उनका यह फैसला बताता है कि इंसान के जाने के बाद भी उसकी सोच और अच्छे काम दूसरों के जीवन में बदलाव ला सकते हैं। लोकेंद्र श्रीमाल अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके नेत्रदान से दो लोगों को नई रोशनी मिलने की उम्मीद है।




















