बेगमगंज अस्पताल में OPD फीस 5 से 10 रुपए करने का प्रस्ताव, 11 मुद्दों पर मंथन

बेगमगंज। शासकीय सिविल अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए बुधवार को सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। विधायक देवेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में अस्पताल से जुड़े 11 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इनमें OPD शुल्क 5 से बढ़ाकर 10 रुपए करने, महीनों से बंद लिफ्ट का मेंटेनेंस कराने, पार्किंग व्यवस्था सुधारने और चिकित्सा उपकरण खरीदने जैसे मुद्दे शामिल रहे। बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर गंभीर मरीजों को अस्पताल की ओर से वाहन सुविधा दी जाए। इसके अलावा डेंटल यूनिट के लिए स्टरलाइजर खरीदने और अस्पताल की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में एसडीएम प्रियंका भलावी, कांग्रेस के पूर्व प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र सिंह तोमर, महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनीता ठाकुर, डॉ. मितेश देवड़ और श्रीप्रकाश जैन मौजूद रहे। सीबीएमओ डॉ. नितिन सिंह तोमर ने अस्पताल की समस्याओं और सुधार के सुझाव प्रस्तुत किए।
OPD शुल्क 5 से बढ़ाकर 10 रुपए करने का प्रस्ताव
बैठक में वर्तमान में मरीजों से लिए जा रहे 5 रुपए के OPD शुल्क को बढ़ाकर 10 रुपए करने पर विचार किया गया। इसके साथ ही ओपीडी और दवा वितरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने तथा एचएमआईएस के अनुसार पेपरलेस व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा गया।
बंद लिफ्ट के मेंटेनेंस पर खर्च होंगे करीब 2 लाख रुपए
अस्पताल में लगी जॉनसन कंपनी की लिफ्ट कई महीनों से बंद है। इसे दोबारा चालू कराने के लिए कंपनी से एक साल का मेंटेनेंस कराने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर करीब 2 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। अस्पताल परिसर में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए पुरानी बिल्डिंग के सामने बने टीन शेड को पानी की टंकी के पास स्थानांतरित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इससे मरीजों और उनके परिजनों के वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने में मदद मिलेगी।
डेंटल यूनिट के लिए स्टरलाइजर, बिजली व्यवस्था भी सुधरेगी
बैठक में अस्पताल के संचालित डेंटल यूनिट के लिए स्टरलाइजर खरीदने और बैठक हॉल में प्रेजेंटेशन के लिए प्रोजेक्टर स्क्रीन लगाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा सब स्टेशन से नवीन बिल्डिंग और डीपी तक जाने वाले बिजली के तारों को व्यवस्थित करने के लिए 20 से 25 फीट के दो पोल लगाने पर चर्चा हुई। एनआरसी से पीएम रूम तक खाली जगह में तारों की फेंसिंग और गेट लगाने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया। ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल कराने पर हर महीने होने वाले वाहन और रिफिल खर्च की समीक्षा भी की जाएगी।
108 एंबुलेंस नहीं मिली तो अस्पताल देगा वाहन सुविधा
मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और रेफर करने की व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया। इसके अनुसार, 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर बीपीएल कार्डधारी गंभीर मरीजों को अस्पताल की ओर से वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाया जा सके। गंभीर अवस्था में गर्भवती महिलाओं को बीपीएल कार्ड की अनिवार्यता से छूट देकर रोगी कल्याण समिति के माध्यम से वाहन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया।
भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
रोगी कल्याण समिति के खर्चों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी भुगतान मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी और मेडिकल ऑफिसर के संयुक्त हस्ताक्षर से करने का प्रस्ताव रखा गया। इसमें नियमित चिकित्सक डॉ. मितेश देवड़ के हस्ताक्षर भी शामिल करने की बात कही गई। बैठक में रखे गए प्रस्तावों का उद्देश्य अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार करना और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।




















