ट्विशा शर्मा मौत मामला: रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को नहीं मिली जमानत, एमपी हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

जबलपुर। अदालत ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है महत्वपूर्ण फॉरेंसिक और डिजिटल रिपोर्ट आना बाकी है। ऐसे में आरोपी को फिलहाल जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। इस मामले में गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ गिरफ्तार हैं।
12 मई को ससुराल में मृत मिली थीं ट्विशा
ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। इस मामले में पुलिस ने पहले बीएनएस की धारा 80(2) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसी धारा के तहत गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ को गिरफ्तार किया गया था।
ये भी पढ़ें: ट्विशा शर्मा मौत मामला: सीबीआई का सुप्रीम कोर्ट में बयान, भोपाल में नहीं हो सकती निष्पक्ष सुनवाई
सीबीआई जांच के बाद बदली गई धारा
मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद दोनों आरोपियों पर धारा 80(2) के स्थान पर धारा 108 लगाई गई है। यह धारा आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी है। इसी मामले में गिरीबाला सिंह ने जमानत का लाभ पाने के लिए अर्जी दाखिल की थी।
26 अक्टूबर को दिनभर चली थी सुनवाई
गिरीबाला सिंह की जमानत अर्जी पर जस्टिस निरंकारी की अदालत में 26 अक्टूबर को दिनभर सुनवाई चली थी। सीबीआई की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील जैन और डिप्टी सॉलिसिटर जनरल सुयश मोहन गुरु ने दलीलें रखीं। वहीं, आपत्तिकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा और राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता सीएम तिवारी ने जमानत का विरोध किया था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित
मामले पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान गिरीबाला सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह और सीबीआई की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील जैन ने दलीलें रखीं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखने के निर्देश दिए थे। बुधवार को अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया।




















