ग्वालियर:कुत्ते ने निभाया वफादारी का फर्ज, अपनी जान पर खेलकर बचाया पूरा परिवार

ग्वालियर। जवाहर कॉलोनी में शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई थी। घर का पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था। लेकिन पालतू जर्मन शेफर्ड टाइगर ने आग और धुएं को महसूस किया। उसने भौंककर और दरवाजा पीटकर परिवार को जगाया। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद टाइगर सहम गया, लेकिन अब उसकी हालत में सुधार है।
आधी रात को भड़की आग, परिवार सोता रहा
घटना 22-23 अप्रैल की दरमियानी रात करीब 3:30 बजे की है। अमर राठौड़ के घर का पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था। तभी घर के बाहर लगे बिजली मीटर और गैरेज के इलेक्ट्रिकल बोर्ड में शॉर्ट सर्किट के चलते अचानक आग भड़क उठी। आग तेजी से मीटर से तारों के जरिए फैलने लगी। पास में खड़ी इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर थी और आसपास ज्वलनशील पदार्थ भी रखा थी, जिससे आग भड़कने का खतरा और बढ़ गया। घर के सभी लोग इस खतरनाक स्थिति से बेखबर थे। आग धीरे-धीरे फैलती जा रही थी और स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।

टाइगर की सतर्कता ने बचाई जान
लेकिन टाइगर ने जैसे ही आग और धुएं को महसूस किया, वह बेचैन हो उठा। उसने पहले जोर-जोर से भौंककर अपने मालिक को जगाने की कोशिश की। जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उसने दरवाजे पर अपने पैरों से लगातार जोर-जोर से थाप देना शुरू कर दिया। उसकी इस जिद और सतर्कता ने आखिरकार एक सदस्य को जगा दिया। टाइगर लगातार सक्रिय रहा और परिवार को चेताता रहा। उसकी इस समझदारी ने समय रहते खतरे की सूचना दे दी।
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परिवार ने मिलकर बुझाई आग
तुरंत घर के सदस्य ने गैरेज की ओर दौड़ लगाई गई, जहां आग फैल चुकी थी। परिवार के अन्य सदस्यों को भी तुरंत जगाया गया और सभी ने मिलकर बिना समय गंवाए आग बुझाना शुरू किया। बाल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू पाया गया और साथ ही इलेक्ट्रिक कार को भी सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। यदि कुछ और देर हो जाती, तो यह घटना एक बड़े हादसे का रूप ले सकती थी। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम भूमिका टाइगर की रही।
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हादसे के बाद सहम गया टाइगर
अमर राठौड़ ने बताया कि देर रात हुए इस भयावह हादसे के बाद टाइगर का व्यवहार पूरी तरह बदल गया था। जो टाइगर कुछ देर पहले तक बहादुरी दिखाकर पूरे परिवार की जान बचा रहा था, वही अचानक गुमसुम हो गया और किसी से भी संपर्क नहीं कर रहा था। ऐसा लग रहा था मानो इस घटना का गहरा असर उसके मन पर पड़ गया हो। टाइगर की इस हालत को देखते हुए परिवार उसे अपने घाटीगांव स्थित फार्म हाउस पर ले गया। शांत वातावरण और अपनों के साथ के बीच धीरे-धीरे उसकी स्थिति में सुधार आया। काफी प्रयासों और देखभाल के बाद टाइगर फिर से सामान्य होने लगा।












