
पल्लवी वाघेला, भोपाल। जानकारी के मुताबिक दंपति की शादी को 25 साल होने वाले हैं। पत्नी आगे पीएचडी और संगीत की शिक्षा पूरी करना चाहती थी, लेकिन ससुराल पक्ष ने सहयोग नहीं किया। पढ़ाई और सोच के मतभेद के चलते पत्नी ने घर छोड़ दिया और तलाक का आवेदन लगाया। पति परिवार के दबाव में आकर पत्नी पर आरोप लगाते रहे और मामला सुलझ नहीं सका। आठ महीने पहले पत्नी को पति की कैंसर बीमारी की जानकारी मिली और उसने संपर्क किया। अब इलाज के बाद दोनों साथ रहने का फैसला कर चुके हैं और नई शुरुआत करना चाहते हैं।
पत्नी के पिता ने शादी के वक्त बताया था कि बेटी आगे पीएचडी के साथ ही अपनी अधूरी संगीत की शिक्षा पूरी करना चाहती है। शादी के वक्त ससुराल पक्ष ने भी हां बोल दिया था पत्नी ने बताया कि कुछ समय तो वह झिझक में पढ़ाई की बात नहीं कर पाई। इसके बाद जब उसने पढ़ने की बात की तो सास ने कहा कि अभी गृहस्थी समझ लो इसके बाद देखेंगे। संगीत शिक्षा के लिए तो सास से साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि घर में गायक की जरूरत नहीं है। पत्नी के मुताबिक इसी विवाद में करीब पांच साल निकल गए।
ये भी पढ़ें: Power Cut Alert : भोपाल में 5-6 घंटे कल बिजली गुल, मेंटेनेंस के कारण 40 इलाके प्रभावित
महिला न पढ़ने दिया जा रहा था और न वो परिवार की सोच से सामंजस्य बैठा पा रही थी। दूसरी ओर बच्चा न होने से मानसिक प्रताड़ना झेल रही थी। ऐसे में उसने घर छोड़ने का फैसला किया। पत्नी ने इसके बाद तलाक का आवेदन लगाया, लेकिन पति तलाक को राजी नहीं था। पति के मुताबिक परिवार के प्रेशर में आकर उसने पत्नी पर कई आरोप लगाए ताकि वह घर लौट आए या फिर उसे भारी-भरकम भरण पोषण न देना पड़े। वहीं, पत्नी ने कचहरी के चक्कर में न पढ़ते हुए कहा कि उसे भरण-पोषण नहीं चाहिए और अपनी पढ़ाई में लग गई।
पत्नी ने बताया कि उसे आठ माह पहले कॉमन दोस्त के जरिए पति की कैंसर की बीमारी और इलाज की जानकारी लगी। उसने हिचकते हुए पति का नंबर लेकर उन्हें मैसेज किया। सामने से तुरंत कॉल आया। पति की भावुक आवाज सुनते ही वह परेशान हो गई और कहा कि यदि हम साथ होते तो क्या मैं आपको छोड़ देती। पत्नी ने दो माह की छुट्टी ली और पति के पास भोपाल आ गई। पति ने बताया कि वह अकेलापन महसूस कर रहे थे। बाकी सभी अपने परिवारों में व्यस्त हैं बीमारी में सभी हाल-चाल पूछते हैं, लेकिन जीवन में खालीपन है।
ये भी पढ़ें: Peddi : पेड्डी की शूटिंग 6 दिन में पूरी होगी, जून में रिलीज पर फोकस
पति ने कहा कि कई बार सोचा पत्नी को मनाकर ले आएं, लेकिन लगा कि पत्नी की नजर में वो लूजर हैं, जो कभी पत्नी का पक्ष नहीं ले पाया। अब जब पत्नी ने पहल की तो उन्हें हिम्मत मिली। बता दें कि पति की कीमोथेरेपी के बाद अब वह ठीक हैं और दंपति साथ रहने का मन बना चुके हैं। दोनों ने अपने रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया है। अब वे बीते समय को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करना चाहते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे भी हों, रिश्तों में संवेदना और समझदारी से दूरियां मिट सकती हैं।