
भोपाल।विवादित बयानबाजी के लिए सुर्खियों में रहने वाले भाजपा विधायक प्रीतम लोधी को मुख्यमंत्री निवास में तलब कर समझाइश दे दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने डांट-फटकार वाले अंदाज में लोधी को अनुशासन के दायरे में रहने की नसीहत दी है। लोधी ने अपने बयान पर खेद प्रकट करते हुए कहा 3 पीढ़ियों से मैं भाजपा का सच्चा सिपाही।
विधायक लोधी को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया था। उन्हें शाम को सीएम हाउस में बुला कर समझाइश दे दी गई। सीएम और अध्यक्ष दोनों ने ही उन्हें कड़े शब्दों में अल्टीमेटम देते हुए कह दिया कि भविष्य में पार्टी की छबि का ध्यान रखें। अनुशासन के दायरे में रहना है। ऐसी बातें बयानबाजी से बचना है जिनसे पार्टी की इज्जत दांव पर लगती हो।
सत्ता और संगठन प्रमुख को सफाई देने के बाद सीएम हाउस से बाहर मीडिया से चर्चा में विधायक लोधी ने कहा कि उन्होंने अपनी बयानबाजी के लिए खेद प्रकट कर दिया है। लोधी ने बताया कि पुलिस ने मेरे बेटे का जुलूस निकाला था इस पर मेरी आपत्ति थी। किसी को मेरी शब्दावली पर आपत्ति है तो खेद व्यक्त करता हूं। आगे भी ध्यान रखूंगा। मैंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की पेशकश कर दी है।
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दोपहर में विधायक लोधी ने कहा था कि पार्टी जो भी कहेगी उसे मानूंगा। बता दें, विधायक लोधी के बेटे दिनेश ने 16 अप्रैल को अपनी गाड़ी थार से 5 लोगों को टक्कर मार दी थी। पुलिस कार्रवाई के बाद विधायक लोधी के बिगड़े बोलों को लेकर बवाल मच गया था। पार्टी ने उन्हें स्पष्टीकरण के लिए तलब कर लिया था। लोधी ने शिवपुरी एसपी और करेरा एसडीओपी को धमकी दे दी थी। उन्होंने कहा था कि क्या करैरा तुम्हारे डैडी का है,... मेरा हाथ पहले ढाई किलो का था, लेकिन अब ढाई सौ किलो का हो गया है। एसपी और एसडीओपी की बेचैनी दूर कर दूंगा। विधानसभा चुनाव के पहले लोधी ने ब्राह्मणों को लेकर विवादित बयान दे दिया था जिसके चलते पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था।
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