झाबुआ में हुई यह कार्रवाई सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लोकायुक्त की सक्रियता से यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मामला एक रिटायर्ड कर्मचारी कमल सिंह ठाकुर से जुड़ा है, जो शासकीय आयुर्वेद औषधालय पेटलावद से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य कामों के लिए ऑफिस में प्रक्रिया पूरी करनी थी। आरोप है कि जिला आयुष कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी ने इन कामों के एवज में 12 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना लोकायुक्त कार्यालय को दे दी।
शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। आरोपी महिला कर्मचारी ने रिश्वत की रकम लेने के लिए अपने पति को भेजा। झाबुआ के राजगढ़ चौराहे पर टीम ने आरोपी की घेराबंदी की, इस दौरान आरोपी को 10 हजार रुपये नकद लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा।
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गिरफ्तार आरोपी और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, आगे की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।