होर्मुज में फिर गहराया संकट !अमेरिका का दावा- 4 ईरानी नाव को डुबोईं, ट्रंप बोले ईरान के पास सिर्फ दो रास्ते...

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सात छोटे जहाजों को नष्ट कर दिया। उनके अनुसार ये जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे थे। हालांकि, इस दावे पर अभी तक ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ट्रंप- ईरान के पास सिर्फ 2 ऑप्शन
ट्रंप ने ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि उसके पास दो ही विकल्प हैं या तो ईमानदारी से समझौता करे या फिर आगे भी सैन्य कार्रवाई झेले। उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर हमला करने की कोशिश की, तो उसका जवाब बेहद कठोर होगा। ट्रंप के बयान से एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट में तनाव और बढ़ने की आशंका है।
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अमेरिका ने होर्मुज के पास शुरू नया सुरक्षा अभियान
अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास प्रोजेक्ट फ्रीडम नाम से एक सुरक्षा अभियान शुरू किया है। इस पहल का मकसद वहां फंसे या गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा देना है। इसी अभियान के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की स्थिति बनी।
होर्मुज में हमारा कंट्रोल- ईरान
ईरान का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका नियंत्रण है और उसकी अनुमति के बिना कोई जहाज वहां से नहीं गुजर सकता। इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनातनी बनी हुई है।
अब जानें पिछले 24 घंटे के बड़े अपडेट्स
- बीते एक दिन में कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे हालात और गंभीर हो गए हैं।
- ईरान पर आरोप है कि उसने UAE के फुजैराह में एक पेट्रोलियम प्लांट पर ड्रोन हमला किया, जिससे आग लग गई और तीन भारतीय घायल हो गए।
- होर्मुज में एक दक्षिण कोरियाई जहाज पर भी हमला हुआ, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
- अमेरिकी सेना ने एक जब्त ईरानी जहाज को पाकिस्तान को सौंप दिया, जिसे बाद में ईरान भेजा गया।
- ईरान में मोसाद से जुड़े होने के आरोप में तीन लोगों को फांसी दी गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी है।
देश में बढ़ती नाराजगी पर ट्रंप का जवाब
अमेरिका में ईरान के खिलाफ संभावित युद्ध को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। इस बीच ट्रंप ने उन सर्वेक्षणों को खारिज कर दिया, जिनमें युद्ध के समर्थन में कम लोगों की राय बताई गई थी। उनका कहना है कि ऐसे सर्वे पक्षपातपूर्ण होते हैं और सही तस्वीर नहीं दिखाते।
ट्रंप : UAE परअटैक युद्धविराम का उल्लंघन नहीं
ट्रंप ने UAE पर हुए हमले को युद्धविराम का उल्लंघन मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह कोई बड़ा हमला नहीं था और अधिकांश मिसाइलों को नष्ट कर दिया गया। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि मामले की जांच जारी है।
ओबामा ने भी दिया बयान
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप को ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए मनाया। ओबामा के मुताबिक, इस तरह की सैन्य कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलता। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने UAE के समर्थन में बयान दिया और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक रास्ता ही सबसे बेहतर विकल्प है।











