लद्दाख में सोनम वांगचुक की संस्था को नोटिस, डेजर्ट फ्लावर स्कूल का कामकाज रोकने के निर्देश

लेह। सोनम वांगचुक की संस्था हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गई है। लद्दाख प्रशासन ने संस्था की संस्थापक और CEO डॉ. गीतांजलि जे. आंग्मो को नोटिस जारी किया है। इसमें लेह के डेजर्ट फ्लावर स्कूल में कक्षाएं शुरू करने और किसी भी तरह की गतिविधि करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यह कदम जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में HIAL से जुड़ा मामला लंबित होने के चलते उठाया है।
बिना मंजूरी शुरू किया स्कूल का कामकाज
प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि डेजर्ट फ्लावर स्कूल, फ्यांग में संबंधित अधिकारियों से जरूरी सहमति, मंजूरी या क्लीयरेंस लिए बिना ही गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं। इस पर प्रशासन ने आपत्ति जताई है। जानकारी के मुताबिक, डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने 22 सितंबर 2026 को लेह के उपायुक्त को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने HIAL इकोसिस्टम के तहत आने वाले डेजर्ट फ्लावर स्कूल की मैनेजिंग कमेटी के प्रस्तावित सदस्यों के लिए NOC और क्लीयरेंस जारी करने का अनुरोध किया था। हालांकि, प्रशासन के संज्ञान में आया कि जरूरी मंजूरी मिलने से पहले ही स्कूल ने कामकाज शुरू कर दिया। इसके बाद स्कूल की गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए।
हाईकोर्ट में लंबित है HIAL का मामला
दरअसल, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के प्रशासन ने अगस्त 2025 में HIAL को आवंटित जमीन का आवंटन रद्द कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ संस्था ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। प्रशासन का कहना है कि स्कूल में गतिविधियां शुरू करने से हाईकोर्ट में चल रही कानूनी कार्यवाही पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी वजह से डॉ. गीतांजलि आंग्मो को ऐसा कोई कदम नहीं उठाने की चेतावनी दी गई है।
हाईकोर्ट के फैसले तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश
लेह के तहसीलदार ने 1 नवंबर 2026 को यह नोटिस जारी किया था। इसमें HIAL को निर्देश दिया गया है कि हाईकोर्ट का अंतिम फैसला आने या कोई नया आदेश जारी होने तक मौजूदा स्थिति बनाए रखी जाए। इसके तहत डेजर्ट फ्लावर स्कूल में न तो कक्षाएं शुरू की जाएंगी और न ही किसी तरह की अन्य गतिविधियां संचालित होंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानूनी मामला लंबित रहने तक स्कूल का कामकाज शुरू नहीं किया जाना चाहिए।




















