जायसवाल निको प्लांट में श्रमिक की मौत, मौत के बाद श्रमिकों ने गेट पर किया बवाल

रायपुर: छत्तीसगढ़ के सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित जायसवाल निको स्टील प्लांट में एक श्रमिक की मौत के बाद हंगामा मच गया है। ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से श्रमिक संतोष वर्मा की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों और सैकड़ों ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्लांट के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्री में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनकी मांग है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, स्थायी नौकरी और न्याय मिले। श्रमिक की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन
ड्यूटी के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
मिली जानकारी के अनुसार मृतक संतोष वर्मा मोहदा गांव का निवासी था और लंबे समय से जायसवाल निको स्टील प्लांट में श्रमिक के रूप में काम कर रहा था। सोमवार दोपहर ड्यूटी के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। वह बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से उसे आनन-फानन में रायपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। श्रमिक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और गांव में शोक के साथ आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण फैक्ट्री के मुख्य गेट पर पहुंच गए और प्रबंधन के खिलाफ धरने पर बैठ गए।

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सुरक्षा उपकरणों के बिना काम कराने का आरोप, फैक्ट्री प्रबंधन पर उठे सवाल
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई फैक्ट्रियों में भारी प्रदूषण, खतरनाक गैसों के भंडारण और पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना मजदूरों से काम कराया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र में आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते हैं, लेकिन इन घटनाओं के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया जाता। प्रदर्शनकारियों ने संतोष वर्मा की मौत की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
'श्रमिकों की जान की कोई कीमत नहीं', ग्रामीणों ने प्रबंधन को घेरा
मोहदा निवासी स्थानीय ग्रामीण लोकेश कश्यप ने नाराजगी जताते हुए कहा कि फैक्ट्री में श्रमिकों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है। मजदूरों से बिना पर्याप्त सुरक्षा के काम कराया जाता है। उन्होंने मृतक के परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने की मांग की।

स्थायी नौकरी और मुआवजे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
जनपद सदस्य प्रतिनिधि ईश्वर निषाद ने कहा कि जब तक मृतक के परिजनों को न्याय, परिवार के सदस्य को स्थायी नौकरी और उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में सुरक्षा इंतजामों की जांच कराने की मांग भी की।
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मौके पर पहुंची पुलिस, प्रबंधन और परिजनों के बीच समझाइश का प्रयास
घटना की सूचना मिलने के बाद धरसीवां पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से परिजनों तथा फैक्ट्री प्रबंधन के बीच बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मांगों और प्रबंधन के रुख को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है। श्रमिक की मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच और संबंधित चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।




















