सागर शराब कांड केस में ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा के परिवार पर कार्रवाई पर रोक

जबलपुर। सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में प्रशासन द्वारा शराब ठेकेदार के परिवार के खिलाफ की जा रही आपराधिक कार्रवाई पर मप्र हाईकोर्ट ने शुक्रवार को रोक लगा दी है। जस्टिस हिमांशु जोशी की सिंगल बेंच ने ठेकेदार की मां व अन्य की ओर से दािखल यािचका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया।
बेटे के लिए मां की याचिका
यह याचिका राजकुमारी कुशवाहा व अन्य की ओर से दािखल की गई है। राजकुमारी का कहना है कि उसका बेटा सिद्धार्थ, लाइसेन्सी शराब ठेकेदार है। हाल ही में जहरीली शराब पीने से हुई 30 मौतों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरु की। याचिका में आरोप है कि एक मृतक ने अपने मृत्यु पूर्व बयान में कहा था कि यह शराब उसने सिद्धार्थ की दुकान से ली थी। इसी बयान के आधार पर प्रशासन द्वारा याचिकाकर्ताओं के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा रही थी, जिसको चुनौती देकर हाईकोर्ट में यह याचिका दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अिधवक्ता अंशुमान सिंह व त्रिलोक चंद्र चौरसिया पैरवी कर रहे हैं।
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घर गिराने पर लगी रोक
इस मामले में शराब ठेकेदार सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा की यािचका पर बीते गुरुवार को सुनवाई के बाद जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता का घर गिराने पर रोक लगा दी थी। इस मामले पर शुक्रवार को आगे सुनवाई होना थी, जो नंबर न आने के कारण नहीं हो सकी।
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