डॉ. मोहन यादव कैबिनेट- मप्र में जारी रहेंगे 42,490 करोड़ के काम, आदिवासी शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से वेतनमान

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने विकास परियोजनाओं की निरंतरता के साथ कर्मचारियों, शिक्षकों, महिलाओं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 42,490 करोड़ रुपए के कार्यों को वर्ष 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया। मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने चल रहे महत्वपूर्ण कार्यों की निरंतरता बनाए रखने का निर्णय लिया है।
चार हाई स्कूलों के पदों की स्थिति तय
जनजातीय कार्य विभाग के एक अन्य प्रस्ताव के तहत वर्ष 2016-17 में माध्यमिक शालाओं के उन्नयन के दौरान हाई स्कूल बनाए गए चार स्कूलों के पदों की स्थिति तय करने को मंजूरी दी गई। इससे इन स्कूलों में आवश्यक पदों से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव पर चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को लगातार जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही गोंड वृहद सिंचाई परियोजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई। दोनों परियोजनाएं 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सिंचाई परियोजनाओं में शामिल हैं।
आदिवासी शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान
जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए वर्ष 1973-74 से 1997-98 के बीच नियुक्त उप शिक्षक, उपशाला शिक्षक, प्रशिक्षण शिक्षक, कनिष्ठ बोर्ड से चयनित शिक्षक, ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना के तहत नियुक्त शिक्षक और सहायक शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान देने का फैसला किया गया। इसके साथ ही पात्र शिक्षकों को एरियर राशि का भुगतान करने की भी स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही न्यायिक सेवा के अधिकारियों को लैपटॉप, कंप्यूटर और प्रिंटर उपलब्ध कराने से संबंधित नीति में संशोधन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। संशोधित नीति के तहत न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।
MSP उपार्जन के लिए ब्याज मुक्त लोन
प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत खाद्यान्न उपार्जन के लिए निर्धारित ऋण सीमा के पुनर्भुगतान के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन से जुड़ी वित्तीय व्यवस्था को सहारा मिलेगा।
25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की जानकारी दी गई। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर 25 सितंबर से इंदौर में इसकी शुरुआत होगी। योजना के तहत प्रदेश में 150 सिटी और 436 अंतरनगरीय रूट विकसित किए जाएंगे। आगे इस सेवा का विस्तार विकासखंड स्तर तक किया जाएगा।
7,500 से ज्यादा मेधावी छात्रों को ई-स्कूटी
मेधावी विद्यार्थियों को भी सरकार की ओर से बड़ी सौगात दी जाएगी। 19 सितंबर को भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7,500 से अधिक विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरित करेंगे। योजना का लाभ 12वीं कक्षा में प्रथम प्रयास में 70 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने स्कूल में प्रथम स्थान हासिल करने वाले नियमित विद्यार्थियों को मिलेगा।
17 सितंबर से स्वामित्व योजना का आगाज
प्रदेश में स्वामित्व योजना की शुरुआत भी 17 सितंबर से इंदौर से होगी। इसके लिए करीब 68 लाख अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। निजी समितियों का पंजीयन निःशुल्क किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे संपत्ति विवादों में कमी आएगी और लोगों को संपत्ति के आधार पर बैंक से ऋण लेने में भी आसानी होगी।
दुबई दौरे से 53 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हालिया दुबई दौरे से प्रदेश को मिले 53 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की भी जानकारी दी गई। सरकार का कहना है कि इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में रोजगार और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।




















