
खंडवा। इमलीपुरा इलाके में प्रशासन की छापेमारी के दौरान नकली घी बनाने के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि यहां जानवरों की चर्बी से घी तैयार किया जा रहा था। मौके से बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी, ड्रम और पशु अवशेष बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इमलीपुरा इलाके में जिला प्रशासन की छापेमारी के दौरान एक ऐसे अवैध कारोबार का खुलासा हुआ, जहां पर जानवरों की चर्बी से घी तैयार किया जा रहा था। प्रशासन को लंबे समय से इस जगह को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। बेगम पार्क के पास स्थित इस स्थान पर बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी और पशु अवशेष मिले।
जिला प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि इमलीपुरा के बेगम पार्क के पास एक परिसर में अवैध रूप से नकली घी तैयार किया जा रहा है। सूचना मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, नगर निगम, खाद्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जैसे ही टीम ने दबिश दी, अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। वहां बड़े ड्रमों और कनस्तरों में भरा संदिग्ध घी रखा हुआ था। साथ ही परिसर में ऐसी सामग्री भी मिली, जिससे मिलावट की आशंका और गहरी हो गई।
छापेमारी के दौरान प्रशासन ने बड़ी मात्रा में चर्बी युक्त घी बरामद किया। यह घी अलग अलग ड्रम और कनस्तरों में भरा हुआ मिला। मौके से कई ड्रम और दर्जनों कनस्तर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा बोरियों में जानवरों की खाल, हड्डियां और अन्य अवशेष भी पाए गए। इस बरामदगी के बाद मामला और गंभीर हो गया है। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि यह घी किस तरह तैयार किया जा रहा था और इसे कहां सप्लाई किया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद संचालक अनवर कुरैशी को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ में उसने 2023 का ट्रेड लाइसेंस होने की बात कही। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस केवल अपशिष्ट सामग्री रखने के लिए था। अब यह जांच की जा रही है कि उसी लाइसेंस की आड़ में कहीं खाद्य सामग्री तैयार करने का काम तो नहीं किया जा रहा था। रिपोर्ट्स में भी बताया गया है कि संचालक को पूछताछ के लिए थाना ले जाया गया।
इलाके के लोगों का कहना है कि यहां लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। आसपास रहने वाले लोगों ने कई बार बदबू और असामान्य आवाजाही को लेकर शिकायत की थी। स्थानीय निवासियों के अनुसार इस जगह पर देर रात तक गतिविधियां होती थीं जिससे उन्हें लंबे समय से शक था। लोगों का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई देर से सही लेकिन जरूरी थी।
मिलावटी घी लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। नकली या चर्बी युक्त घी के सेवन से पाचन संबंधी दिक्कतें, फूड पॉइजनिंग, लिवर और दिल से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे मिलावटी खाद्य पदार्थों से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकते हैं। इसी वजह से जब्त सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें: एमपी में भीषण गर्मी का असर: सागर के बाद कई जिलों में स्कूल बंद, 30 अप्रैल तक छुट्टी घोषित