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Indore News :  खजराना गणेश मंदिर की दान-पेटियों से निकले 75 लाख रुपए, दान में भारी गिरावट, 43 में से 8 दान पेटियों की गिनती बाकी

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Indore News :  खजराना गणेश मंदिर की दान-पेटियों से निकले 75 लाख रुपए, दान में भारी गिरावट, 43 में से 8 दान पेटियों की गिनती बाकी
इंदौर। देशभर में श्रद्धालुओं के बीच खजराना गणेश मंदिर प्रसिद्ध है। इस बार अपनी दान पेटियों से अपेक्षित धनराशि प्राप्त करने में असमर्थ रहा है। मंदिर में 4 दिन से चल रही दान पेटियों की गिनती में 75 लाख रुपए निकले हैं। गुरुवार तक 43 में से 35 दान पेटियों की गिनती पूरी हो चुकी है। 8 दान पेटियों की गिनती अगले दो से तीन दिन में कर ली जाएगी। पिछले 4 महीने में 1करोड़ 75 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। अनुमान है कि इस बार कुल दान राशि एक करोड़ रुपए तक भी नहीं पहुंच पाएगी। यह गिरावट न केवल मंदिर प्रबंध समिति के लिए चिंता का विषय है, बल्कि इसके चलते मंदिर के विकास कार्यों और व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ सकता है। वहीं दान पेटियों में अब तक सोने की चेन और चांदी की सिल्लियां निकली हैं। अमेरिका, दुबई सहित अन्य देशों की मुद्राएं भी मिली हैं। https://www.youtube.com/shorts/Rq0ROOWSPWs?feature=share

गिरावट के संभावित कारण

  • मंदिर विधान के अनुसार, पुजारीगण दान राशि से मानदेय प्राप्त करते हैं और उन्हें भक्तों से अतिरिक्त चढ़ोत्तरी नहीं लेनी चाहिए। बावजूद इसके, पूजा-अर्चना के दौरान सीधे चढ़ोत्तरी लेने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। इससे भक्त दान पेटियों के बजाय व्यक्तिगत चढ़ोत्तरी में धनराशि डालने लगे हैं।
  • बड़ी संख्या में भक्त मंदिर आते हैं, लेकिन उनकी दान राशि में कमी देखी जा रही है। यह आर्थिक कारणों या प्रबंधन में विश्वास की कमी का परिणाम हो सकता है।
  • कई भक्त यह महसूस करते हैं कि दान राशि का उपयोग सही तरीके से नहीं हो रहा है, जिससे वे दान राशि देने में झिझकते हैं।

विकास और व्यवस्थाओं पर होगा असर

दान राशि में गिरावट का सीधा असर मंदिर परिसर के विकास और व्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। क्योंकि, मंदिर परिसर में किए जाने वाले विकास कार्य और मंदिर की व्यवस्थाओं का संचालन, हर माह 3 पुजारी परिवारों को प्रति परिवार 1 लाख 75 हजार रुपए मानदेय का भुगतान उक्त दान राशि से ही किया जाता है। बताया जाता है कि मंदिर विधान के अनुसार मानदेय राशि लेने के बाद मंदिर के पुजारी किसी तरह की चढोत्तरी नहीं ले सकते हैं। इसके बावजूद भी मंदिर में पूजा-अर्चना, अभिषेक और गाड़ी पूजा के नाम पर पुजारियों द्वारा चढ़ोत्तरी ली जाती है। जिसके चलते अधिकांश भक्त दान राशि दान पेटी में डालने के बजाय उक्त पुजारियों को ही सीधे देते हैं। जबकि उक्त राशि दान पेटी में जानी चाहिए। ये भी पढ़ें - बीजेपी है तुरंत एक्शन लेने वाली सरकार, अटल जी का ‘नदी जोड़ो’ सपना होगा साकार : सीएम डॉ. मोहन यादव
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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