कटनी थाने में आग से झुलसे दलपत पटेल की मौत, पत्नी के आरोपों से गरमाया मामला

कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में कुठला थाना परिसर में कथित तौर पर आत्मदाह का प्रयास करने वाले दलपत पटेल की मौत हो गई है। करीब 90 प्रतिशत झुलसे दलपत का जबलपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
थाना परिसर में पेट्रोल डालकर आग लगाने का दावा
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) और पुलिस उप अधीक्षक (DSP) की ओर से प्रारंभिक तौर पर कहा गया था कि दलपत ने खुद पेट्रोल डालकर आग लगाई थी। हालांकि, अब दलपत की मौत के बाद पुलिस की कार्रवाई और घटना की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पत्नी ने पुलिस पर लगाए मारपीट के आरोप
मामले में उस समय नया मोड़ आया जब दलपत की पत्नी का एक वीडियो सामने आया। पत्नी के मुताबिक, घटना वाले दिन पुलिस उसे थाने लेकर आई थी। उसने आरोप लगाया कि थाने के अंदर पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। परिजनों का दावा है कि पुलिस के कथित दबाव और प्रताड़ना से परेशान होकर दलपत ने यह कदम उठाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच से पुष्टि होना बाकी है।
न्यायिक जांच की मांग
दलपत की मौत के बाद मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग तेज हो गई है। कानून से जुड़े जानकारों के अनुसार, थाना परिसर में हुई ऐसी घटना की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट के माध्यम से कराई जानी चाहिए, ताकि पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच हो सके।
CCTV फुटेज और DVR सुरक्षित रखने की मांग
मामले में थाने में लगे CCTV कैमरों की फुटेज और DVR को सुरक्षित रखने की मांग भी उठ रही है। इससे घटना से पहले और बाद में थाने के अंदर क्या हुआ, इसकी जांच में मदद मिल सकती है।
थाना प्रभारी को हटाने की मांग
परिजनों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए संबंधित थाना प्रभारी और जांच से जुड़े अधिकारियों को जांच पूरी होने तक हटाया जाए। साथ ही मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की गई है।
अब जांच का मुख्य सवाल यह है कि थाना परिसर में दलपत पटेल ने किन परिस्थितियों में आग लगाई और घटना से पहले थाने में क्या-क्या हुआ। पुलिस के शुरुआती दावे और मृतक की पत्नी के आरोपों के बीच की सच्चाई निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



















