दादा, क्या तकलीफ है...? बीमार बुजुर्ग दंपति के लिए बेटे बने कलेक्टर, खुद डॉक्टर के कमरे तक लेकर गए

कटनी में प्रशासन की संवेदनशीलता की एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने हर किसी का ध्यान खींचा। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत कन्हवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे कलेक्टर आशीष तिवारी की नजर इलाज के लिए आए एक बुजुर्ग दंपति पर पड़ी। कलेक्टर उनके पास पहुंचे, हालचाल पूछा और उनकी परेशानी जानी। इसके बाद उन्होंने दोनों बुजुर्गों को खुद डॉक्टर के कमरे तक पहुंचाया और उनकी जांच पूरी होने तक वहीं मौजूद रहे।
अम्मा-दादा को खुद डॉक्टर के पास ले गए
कन्हवारा निवासी 60 वर्षीय सोनाबाई कोरी और 65 वर्षीय हरिदास कोरी इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। कलेक्टर आशीष तिवारी ने उनसे बातचीत की और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बारे में जानकारी ली। इसके बाद वे दोनों को खुद डॉक्टर के कक्ष तक लेकर गए। जांच के दौरान कलेक्टर चिकित्सकों से लगातार दोनों की तबीयत के बारे में जानकारी लेते रहे। उन्होंने डॉक्टरों से पूछा कि अम्मा को क्या परेशानी है और दादा हरिदास कोरी की तबीयत कैसी है।
दोनों बुजुर्गों को हड्डियों की समस्या
चिकित्सकों ने बताया कि सोनाबाई कोरी को लंबे समय से बुखार आने के कारण हड्डियों से जुड़ी परेशानी है। वहीं, हरिदास कोरी भी हड्डियों की समस्या से जूझ रहे हैं। कलेक्टर ने दोनों के बेहतर इलाज और जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इलाज के साथ BPL कार्ड की भी चिंता
कलेक्टर की चिंता केवल बुजुर्ग दंपति के इलाज तक सीमित नहीं रही। उन्होंने मौके पर मौजूद पटवारी को कोरी दंपति का BPL कार्ड बनवाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे पात्रता के अनुसार बुजुर्ग दंपति को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
टीबी पीड़ित महिला से भी की बात
स्वास्थ्य केंद्र में कलेक्टर की नजर एक ऐसी महिला पर भी पड़ी, जो अपने डेढ़ साल के बच्चे के साथ इलाज कराने पहुंची थी। महिला टीबी से पीड़ित थी। कलेक्टर ने महिला से उसकी तबीयत के बारे में जानकारी ली और पूछा कि उसे शासन की ओर से मिलने वाली निःशुल्क दवाइयां नियमित रूप से मिल रही हैं या नहीं।
पोषण आहार और बच्चे के टीकाकरण के निर्देश
महिला की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह को उसके लिए पोषण आहार किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही महिला के डेढ़ वर्षीय बच्चे का टीकाकरण सुनिश्चित करने को भी कहा गया। कलेक्टर ने इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया कि महिला को इलाज के साथ जरूरी पोषण और बच्चे को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण
इस दौरान जिला पंचायत CEO हरसिमरनप्रीत कौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य, SDM कटनी जितेंद्र पटेल, तहसीलदार अजीत तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कन्हवारा स्वास्थ्य केंद्र में कलेक्टर का यह मानवीय रवैया प्रशासनिक निरीक्षण से आगे बढ़कर संवेदनशीलता की मिसाल बन गया। बुजुर्ग दंपति के लिए जिस तरह उन्होंने बेटे की तरह उनकी चिंता की, वह पूरे मामले का सबसे भावुक पहलू रहा।




















