PlayBreaking News

Karnataka MLC Election: गेम पलट गया, यहां भाजपा के विधायकों ने कांग्रेस को दिए वोट

कर्नाटक में विधान परिषद की सात सीटों पर गुरुवार को मतदान चल रहा है। इन सीटों के लिए आठ उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। एमएलसी चुनाव में भाजपा विधायकों को निष्कासित करना पार्टी को महंगा पड़ा। यहां दो भाजपा विधायकों ने कांग्रेस को वोट दिए हैं।
Follow on Google News
 गेम पलट गया, यहां भाजपा के विधायकों ने कांग्रेस को दिए वोट
भाजपा विधायकों के साथ मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार

बेंगलुरु। कर्नाटक विधान परिषद की सात सीटों के लिए जारी मतदान के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान भाजपा को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि पार्टी से निष्कासित दो विधायकों ने खुलकर कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में मतदान किया। इस घटनाक्रम ने चुनावी गणित को पूरी तरह बदल दिया है और सत्तारूढ़ कांग्रेस की स्थिति पहले से अधिक मजबूत दिखाई दे रही है।

कांग्रेस खेमे में पहुंचे भाजपा के बागी विधायक 

भाजपा से निष्कासित विधायक एस.टी. सोमशेखर और शिवराम हेब्बार ने कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डाला। मतदान के दौरान दोनों नेताओं की मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ तस्वीरें भी सामने आईं, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। माना जा रहा है कि इन दोनों विधायकों के समर्थन से कांग्रेस को अतिरिक्त बढ़त मिल सकती है।

सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बड़ी परीक्षा 

हाल ही में कर्नाटक की राजनीति में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस की यह पहली महत्वपूर्ण चुनावी परीक्षा मानी जा रही है। ऐसे में परिषद चुनाव के नतीजे सरकार की राजनीतिक पकड़ और संगठनात्मक मजबूती का संकेत भी देंगे। मतदान के दौरान दिखाई दे रही राजनीतिक नजदीकियां कई नए समीकरणों की ओर इशारा कर रही हैं।

ये भी पढ़ें: शिवसेना में बगावत पर मुहर : संसदीय दल की बैठक में पहुंचे सिर्फ तीन सांसद, बागियों पर फिर भड़के राउत

जीत के लिए चाहिए 28 वोट 

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार मतदान सुबह 9 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक चलेगा। इसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी तथा परिणाम भी उसी दिन घोषित कर दिए जाएंगे। परिषद चुनाव में किसी भी उम्मीदवार की जीत के लिए न्यूनतम 28 वोट आवश्यक हैं। यही कारण है कि हर वोट इस चुनाव में बेहद अहम माना जा रहा है।

सातवीं सीट पर सबसे दिलचस्प मुकाबला 

संख्या बल के आधार पर कांग्रेस चार और भाजपा दो सीटें आसानी से जीत सकती है। लेकिन सातवीं सीट को लेकर मुकाबला रोचक बन गया है। कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) दोनों ने इस सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि किसी भी दल के पास अपने दम पर जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है। ऐसे में निर्दलीय और असंतुष्ट विधायकों की भूमिका निर्णायक बन गई है।

ये भी पढ़ें: चढ़ावा विवाद के बीच सीएम योगी कल अयोध्या में : चंपत राय को कार्यक्रम से दूर रहने के निर्देश; CEO नियुक्ति पर भी चल रही चर्चा

मैदान में कौन-कौन हैं उम्मीदवार 

कांग्रेस ने टी. कामकनूर, पीवी मोहन, बीके हरिप्रसाद, शिवन्ना बीएस और विनय कार्तिक प्रकाश को मैदान में उतारा है। भाजपा की ओर से लिंगराज पाटिल और रघु आर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि जद(एस) ने गोविंदराजू को उम्मीदवार बनाया है। 224 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 134, भाजपा के 62 और जद(एस) के 18 विधायक हैं। ऐसे में क्रॉस वोटिंग का असर अंतिम नतीजों पर महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts