मनेंद्रगढ़ में करण राठौर हत्याकांड में बड़ा फैसला,7 दोषियों को उम्रकैद, माता-पिता को मिलेगा 10 हजार रुपये प्रतिकर

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में करण राठौर हत्याकांड पर न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही बलवा के अपराध में प्रत्येक दोषी को दो-दो साल के सश्रम कारावास और कुल 10,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अदालत ने मृतक के माता-पिता को 10 हजार रुपये प्रतिकर देने का भी आदेश दिया है।
हनुमान मंदिर के सामने हुई थी करण राठौर की हत्या
मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में चर्चित करण राठौर हत्याकांड में न्यायालय का फैसला सामने आया है। प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद सात आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में चर्चित रहे हत्याकांड में न्यायिक कार्यवाही का अहम पड़ाव पूरा हुआ है।
5 सितंबर 2025 की घटना से मचा था हड़कंप
यह मामला 5 सितंबर 2025 का है। मनेंद्रगढ़ के बताशा लाइन स्थित हनुमान मंदिर के सामने करण राठौर की हत्या हुई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की जांच और न्यायालय में सुनवाई के बाद सात आरोपियों को दोषी करार दिया गया।
सात दोषियों को उम्रकैद, बलवा मामले में भी सजा
हत्याकांड में रितिक मिश्रा, सचिन जैन और राशिद खान सहित कुल सात आरोपियों को दोषसिद्ध ठहराया गया है। न्यायालय ने हत्या के अपराध में सभी सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त बलवा के अपराध में प्रत्येक दोषी को दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया है। सभी दोषियों पर कुल 10,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
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मृतक के माता-पिता को मिलेगा 10 हजार रुपये प्रतिकर
न्यायालय ने करण राठौर के माता-पिता को 10 हजार रुपये प्रतिकर देने का आदेश दिया है। इस आदेश से मामले में पीड़ित परिवार को आर्थिक प्रतिकर देने का भी प्रावधान किया गया है।
प्रभात सोंधिया उर्फ रवि को एक आरोप से राहत
इस मामले में आरोपी प्रभात सोंधिया उर्फ रवि को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 249 के तहत लगाए गए आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया है। यानी न्यायालय ने इस विशेष आरोप में उन्हें राहत दी है। यह राहत अन्य आरोपियों को सुनाई गई सजाओं से अलग है।
फैसले में क्या-क्या हुआ?
हत्या का अपराध: सात दोषियों को आजीवन कारावास।
बलवा का अपराध: प्रत्येक दोषी को दो-दो साल का सश्रम कारावास।
अर्थदंड: सभी दोषियों पर कुल 10,500 रुपये।
प्रतिकर: मृतक के माता-पिता को 10 हजार रुपये।
अलग फैसला: प्रभात सोंधिया उर्फ रवि को BNS की धारा 249 के आरोप से दोषमुक्त किया गया।




















