मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव 2026: निर्दलीय कांते सयन्ना ने भी भरा नामांकन, 50 से ज्यादा बार उतर चुके चुनाव में

भोपाल में राज्यसभा उपचुनाव की हलचल तेज है। निर्दलीय कांते सयन्ना ने मध्य प्रदेश से नामांकन फॉर्म ले लिया है। वे तेलंगाना के मेडचल मलकाजगिरी के रहने वाले हैं। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया है। वे शनिवार, 31 अक्टूबर को नामांकन दाखिल कर रहे हैं। मतदान 12 नवंबर 2026 को होना है।
मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव 2026 कब?
मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव 2026 में वोटिंग 12 नवंबर को है। भाजपा ने पुरी को उम्मीदवार बनाया है। सयन्ना भी इसी मुकाबले में उतरना चाहते हैं।
कौन हैं कांते सयन्ना?
कांते सयन्ना अपने अनोखे अंदाज में निर्दलीय चुनाव में उतरने के लिए मशहूर हैं। वे 50 से ज्यादा चुनाव में उतर चुके हैं। (यह आंकड़ा अभी confirm नहीं हुआ है)। ये चुनाव 10 से ज्यादा राज्यों में हुए हैं।
इनमें लोकसभा, विधानसभा और विधान परिषद के चुनाव शामिल हैं। वे उपराष्ट्रपति पद के लिए भी उम्मीदवारी दर्ज करा चुके हैं। हाल में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के राज्यसभा चुनाव में भी चर्चा बटोरी, लेकिन असली सवाल यहीं से शुरू होता है।
10 विधायकों का समर्थन क्यों जरूरी?
नियमों के मुताबिक निर्दलीय उम्मीदवार को कम से कम 10 विधायकों का समर्थन चाहिए। ये विधायक प्रस्तावक (नामांकन का समर्थन करने वाले) होते हैं। इसके बिना Rajya Sabha nomination वैध नहीं माना जाता।
कांते सयन्ना का कहना है कि वे इसके लिए कोशिश कर रहे हैं। वे राजनीतिक दलों और विधायकों से लगातार संपर्क साधने का प्रयास करते हैं। यानी सिर्फ फॉर्म लेना ही काफी नहीं होता। सोचिए एक बार। क्या सिर्फ अपने भरोसे 10 विधायकों का साथ मिल सकता है? यह सवाल अभी खुला है।
कांते सयन्ना का दावा क्या है?
सयन्ना के मुताबिक देश में हालात ठीक नहीं हैं। उनका कहना है कि वे किसी दल के भरोसे नहीं हैं। वे अपनी जेब से पैसे लगाकर जमानत राशि जमा करते हैं। उनके मुताबिक मकसद आम नागरिकों में मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों की जागृति जगाना है। इसे वे अपना कर्म बताते हैं।
मजाक पर क्या बोले कांते सयन्ना?
“लोग मजाक उड़ाते हैं, बहुत कुछ बोलते हैं, लेकिन मेरा काम सिर्फ अपना काम करना है। मुझे परिणाम की कोई चिंता नहीं है।”
– कांते सयन्ना, पब्लिक नेता, निर्दलीय दावेदार
यह बयान उन्होंने मीडिया से बातचीत में दिया। मजाक और तंज के सवाल पर उन्होंने यही जवाब दिया। वे अपने काम पर टिके रहने की बात कहते हैं।
लोकतंत्र से क्या है उम्मीद?
सयन्ना ने उम्मीद जताई है कि एक दिन जनता यह बात समझेगी। उनके मुताबिक तब लोकतंत्र राजनीतिक दलों के चंगुल से बाहर निकलेगा। वे मानते हैं कि तभी सही मायनों में लोकतंत्र का सवेरा होगा।
हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा नामांकन
भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी शनिवार, 31 अक्टूबर को नामांकन दाखिल कर रहे हैं। पुरी केंद्रीय मंत्री हैं। उनके नामांकन के बीच सयन्ना भी भोपाल पहुंच गए। सयन्ना ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव में उतरने के लिए फॉर्म लिया। उनके पहला सेट दाखिल करने की जानकारी भी सामने आई है। वैध माने जाने के लिए 10 विधायकों का समर्थन जरूरी रहेगा। पुरी के नामांकन और सयन्ना की एंट्री से उपचुनाव चर्चा में है।
अब आगे क्या होगा?
अब नजर दो बातों पर रहेगी। पहली, सयन्ना को 10 विधायकों का समर्थन मिलता है या नहीं। दूसरी, उनका नामांकन वैध माना जाता है या नहीं। क्या उनका नाम 12 नवंबर तक मुकाबले में रहेगा? मतदान और मतगणना 12 नवंबर 2026 को एक ही दिन होगी। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026 में इस निर्दलीय दावेदार की चर्चा जोरों पर है।




















