जौरा कॉलेज में NSS से जुड़ने का मौका, छात्रों को बताए गए नेशनल कैंप और प्रमाण पत्र के फायदे

जौरा। शासकीय महाविद्यालय जौरा में राष्ट्रीय सेवा योजना की नई इकाई से जुड़े विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य नए स्वयंसेवकों को एनएसएस की गतिविधियों और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों से परिचित कराना था। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि पढ़ाई के साथ समाज सेवा में हिस्सा लेकर वे नेतृत्व, अनुशासन और मिलकर काम करने की सीख हासिल कर सकते हैं। उन्हें केंद्र सरकार के माई भारत पोर्टल पर पंजीकरण करने और राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में भाग लेने के अवसरों के बारे में भी जानकारी दी गई।
‘स्वयं से पहले आप’ का संदेश दिया
कार्यक्रम में एनएसएस के आदर्श वाक्य ‘नॉट मी बट यू’ यानी ‘स्वयं से पहले आप’ का महत्व समझाया गया। वक्ताओं ने कहा कि जरूरतमंदों की मदद करना, स्वच्छता अभियान चलाना और पर्यावरण की रक्षा करना समाज सेवा के अहम हिस्से हैं। विद्यार्थियों को पौधरोपण, जल संरक्षण और श्रमदान जैसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया गया।
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माई भारत पोर्टल से मिलेंगे नए अवसर
नए स्वयंसेवकों को माई भारत पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया बताई गई। उन्हें समझाया गया कि इस मंच के जरिए युवा अलग-अलग गतिविधियों और राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों से जुड़ने के अवसर तलाश सकते हैं। कॉलेज में सालभर होने वाली एनएसएस गतिविधियों और गोद लिए गए गांवों में आयोजित होने वाले सात दिवसीय विशेष शिविर की जानकारी भी दी गई।
प्रमाण पत्र और राष्ट्रीय शिविरों की जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को एनएसएस की नियमित गतिविधियों में भाग लेने का महत्व बताया गया। जानकारी के अनुसार, दो साल में 240 घंटे की सेवा और विशेष शिविर पूरा करने वाले स्वयंसेवकों को ‘बी’ और ‘सी’ प्रमाण पत्र दिए जाने की व्यवस्था है। वक्ताओं ने उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मिलने वाले संभावित लाभों का भी उल्लेख किया। हालांकि, ऐसे लाभ संबंधित संस्थान और भर्ती के नियमों पर निर्भर करते हैं। अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्वयंसेवकों को गणतंत्र दिवस परेड कैंप, राष्ट्रीय युवा उत्सव और राष्ट्रीय एकीकरण शिविरों में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। विद्यार्थियों को इनके चयन की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.एन. सिंह हाड़ा ने कहा कि एनएसएस युवाओं के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जिम्मेदारी समझने का अच्छा माध्यम है। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. शेषनारायण शुक्ला ने योजना के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. सीपी विमल ने सामाजिक कौशल की जरूरत बताई।
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कार्यक्रम में कॉलेज स्टाफ रहा मौजूद
कार्यक्रम की रूपरेखा एनएसएस अधिकारी प्रो. विनोद सिंह कुशवाहा के मार्गदर्शन में तैयार की गई। उन्होंने नए स्वयंसेवकों का स्वागत करते हुए पूरे साल सक्रिय रहने की अपील की। इस दौरान महाविद्यालय के कई प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। अंत में विद्यार्थियों ने समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
EDIT BY: ADITI RAWAT




















