Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

जीवाजी यूनिवर्सिटी में NSS शिविर, DFO ने बताया जंगलों का अनदेखा फायदा

जीवाजी विश्वविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के नेतृत्व एवं प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन पर्यावरण, व्यक्तित्व विकास और सोशल मीडिया पर चर्चा हुई। ग्वालियर के DFO अवधेश कुमार मीना ने कहा कि जंगल केवल आर्थिक संपदा नहीं हैं, बल्कि लोगों के मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच पर भी गहरा असर डालते हैं। कार्यक्रम में युवाओं को जिम्मेदार बनने का संदेश दिया गया।
जीवाजी यूनिवर्सिटी NSS शिविर

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के विश्वविद्यालय स्तरीय नेतृत्व एवं प्रशिक्षण शिविर का तीसरा दिन पर्यावरण और युवा विकास से जुड़े संदेशों के साथ संपन्न हुआ। दिन की शुरुआत प्रभात फेरी, योग-पीटी और स्वच्छता अभियान से हुई। स्वयंसेवकों ने परिसर में मानव श्रृंखला बनाकर साफ-सफाई का संदेश दिया। इसके बाद आयोजित बौद्धिक सत्र में पर्यावरण, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व और सोशल मीडिया जैसे विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन शिविर संचालक एवं एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. हरिशंकर सिंह कंसाना के निर्देशन में हुआ।

जंगलों का मानसिक स्वास्थ्य से कनेक्शन

सत्र के मुख्य वक्ता ग्वालियर वन मंडल अधिकारी अवधेश कुमार मीना ने जंगलों को लेकर अलग नजरिया सामने रखा। उन्होंने कहा कि वनों को केवल लकड़ी, राजस्व या आर्थिक संपत्ति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार प्राकृतिक वातावरण और हरियाली इंसान के मन को शांत करने में मदद करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराते हैं।
DFO ने कहा कि आज की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में प्राकृतिक स्थानों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। उनके मुताबिक वन मानव जीवन के लिए एक तरह की मनोवैज्ञानिक संपदा भी हैं।

भोपाल में रिटायर्ड IAS की घर में हत्या, दो दिन पहले रखा नौकर गायब..!

NSS युवाओं में नेतृत्व की पाठशाला

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजीव मिश्रा ने कहा कि एनएसएस केवल सामाजिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। यह युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने का माध्यम भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज और देश के लिए सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

पंचकोश सिद्धांत से समझाया व्यक्तित्व विकास

विशिष्ट अतिथि डॉ. रविकांत द्विवेदी ने भारतीय दर्शन के पंचकोश सिद्धांत के जरिए व्यक्तित्व विकास को समझाया। उन्होंने आत्म-परिष्कार और बेहतर संवाद के लिए युवाओं को जरूरी पहलुओं से परिचित कराया।

इंदौर नगर निगम द्वारा बिना ट्रेड लाइसेंस चल रहीं 14 दुकानें सील:57 कारोबारियों ने कराया लाइसेंस रिन्यू

सोशल मीडिया को लेकर युवाओं को सलाह

केआरजी कॉलेज के प्राध्यापक डॉ. वासुदेव सिंह जादौन ने युवाओं और सोशल मीडिया विषय पर बात की। उन्होंने कहा कि युवा डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और तकनीक को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखें। उन्होंने सोशल मीडिया को सही तरीके से इस्तेमाल कर समाज और राष्ट्र के हित में काम करने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पटका, बैज और श्रीफल देकर स्वागत किया गया। इस मौके पर प्रो. हीरालाल पटेल, डॉ. विनोद कुशवाह और डॉ. नरेंद्र कुमार वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। समापन पर डॉ. विनोद कुशवाह ने अतिथियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों का आभार जताया।

EDIT BY: ADITI RAWAT

Veersingh Sir
By Veersingh Sir

Latest Posts