जमुई में नाबालिग से बदसलूकी पर एक्शन! 7 पर POCSO केस, मुख्य आरोपी अब भी फरार, SIT को सौंपी गई जांच

बिहार। जमुई में नाबालिग लड़की और उसके दोस्त के साथ कथित बदसलूकी के मामले ने पुलिस की कार्रवाई पर ध्यान खींचा है। घटना 19 सितंबर की बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में सात लोगों के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज की है। इनमें तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी समेत चार अन्य की तलाश चल रही है। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाने के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया है। अधिकारियों के मुताबिक टीम अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की भी जांच की जा रही है।
सड़क किनारे रुके थे दोनों नाबालिग
पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर की शाम नाबालिग लड़की अपने एक दोस्त के साथ कोचिंग से लौट रही थी। दोनों कुछ समय के लिए सड़क किनारे रुके थे। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और दोनों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की। घटना का वीडियो भी बनाया गया, जिसके बाद उसे सोशल मीडिया पर फैलाने की बात सामने आई।
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वीडियो सामने आने के बाद तेज हुई जांच
मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान का काम शुरू किया। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी की पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
सात लोगों पर POCSO एक्ट में केस
पुलिस ने इस मामले में कुल सात लोगों के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। फिलहाल तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। बाकी चार आरोपियों में मुख्य आरोपी भी शामिल बताया जा रहा है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को भी जांच रही हैं।
SIT को सौंपी गई जांच
जमुई की SDPO दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई गई है। SIT का काम आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ घटना से जुड़े साक्ष्यों को जुटाना है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में शामिल लोगों की भूमिका क्या थी और वीडियो किस तरह अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंचा।
वीडियो वायरल करने वालों पर भी नजर
पुलिस ने वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाने वाले अकाउंट्स की भी पहचान शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक 13 फेसबुक, 12 इंस्टाग्राम और 7 एक्स अकाउंट जांच के दायरे में आए हैं। ऐसे अकाउंट्स के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि नाबालिग से जुड़े संवेदनशील वीडियो को शेयर न करें।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी बनी चुनौती
घटना के 60 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस के सामने अब उसे जल्द पकड़ने के साथ मामले में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की चुनौती है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए टीम लगातार काम कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
विपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब
मामले को लेकर बिहार की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हुई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घटना को लेकर राज्य सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और RJD नेता तेजस्वी यादव ने भी मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। दूसरी ओर पुलिस की ओर से जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है।




















