Jammu Kashmir Landslide:24 लोगों की मौत, कई लापता; अमरनाथ और माता वैष्णो देवी यात्रा दूसरे दिन भी बंद

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में बाढ़, लैंडस्लाइड, मकान ढहने और सड़कें बंद होने जैसी घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले दो दिनों में बारिश से जुड़े हादसों में 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
सबसे ज्यादा असर पुंछ और राजौरी जिलों में देखने को मिला है। यहां कई गांवों का संपर्क टूट गया है और प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में बारिश का भयावह रूप साफ दिखाई दे रहा है। जम्मू-कश्मीर के अलावा उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी राज्यों में भी भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड और सड़कें बंद होने की खबरें सामने आ रही हैं।
बारिश ने छीनी कई परिवारों की खुशियां
लगातार हो रही बारिश ने कई परिवारों को गहरा दुख दिया है। सबसे दर्दनाक घटना पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र के लोरन गांव में हुई। सोमवार को तेज बारिश के दौरान पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा नीचे आ गया और एक कच्चे मकान पर गिर गया। मकान पूरी तरह ढह गया और उसमें रह रहे एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों और बचाव दल ने मलबा हटाकर शवों को बाहर निकाला। प्रशासन ने प्रभावित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
चलती बस पर गिरा पहाड़ का बड़ा पत्थर
बारिश के कारण डोडा जिले में भी बड़ा हादसा हुआ। भद्रवाह से जम्मू जा रही एक यात्री बस रग्गी नाले के पास पहुंची ही थी कि अचानक पहाड़ी से एक विशाल पत्थर बस पर आ गिरा। इस हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
मकान गिरने से महिला की मौत
डोडा जिले के काश्तीगढ़ क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण एक मकान ढह गया। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई। प्रशासन ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मिट्टी कमजोर हो गई है, जिससे कई जगह मकानों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। लोगों से सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
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दो दिनों में 24 लोगों की गई जान
अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो दिनों में बारिश और लैंडस्लाइड से जुड़े हादसों में 24 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा नुकसान पुंछ और राजौरी जिलों में हुआ है, जहां अकेले 21 लोगों की मौत दर्ज की गई है। वहीं, छह लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
राहत और बचाव अभियान जारी
राज्य प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही हैं। जहां सड़कें बंद हैं, वहां मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। वहीं, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने तक राहत कार्य जारी रहेगा।
अमरनाथ यात्रा दूसरे दिन भी स्थगित
भारी बारिश और लगातार लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को दूसरे दिन भी स्थगित रखा है। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था और मौसम की स्थिति को देखते हुए बालटाल मार्ग से सीमित संख्या में कुछ श्रद्धालुओं को आगे भेजे जाने की जानकारी मिली है। प्रशासन लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए है और स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रा को पूरी तरह शुरू करने का फैसला लिया जाएगा।
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माता वैष्णो देवी यात्रा भी प्रभावित
भारी बारिश का असर माता वैष्णो देवी यात्रा पर भी पड़ा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। कटरा में 15 हजार से अधिक श्रद्धालु यात्रा दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। मौसम खराब होने के कारण बैटरी कार ट्रैक, भैरव घाटी मार्ग और पारंपरिक रास्ते के कई हिस्सों में पत्थर गिरने और छोटे लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई हैं।
शिवखोड़ी और सरथल यात्रा भी बंद
सिर्फ अमरनाथ और वैष्णो देवी ही नहीं, बल्कि रियासी स्थित शिवखोड़ी धाम और किश्तवाड़ की सरथल यात्रा भी दूसरे दिन बंद रही। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए मौसम सामान्य होने तक यात्राओं को रोकने का फैसला लिया गया है।
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यात्रा पहले से रुकी थी, इसलिए टला बड़ा हादसा
राहत की बात यह रही कि यात्रा पहले से ही स्थगित कर दी गई थी। इसी वजह से रास्तों पर श्रद्धालुओं की संख्या कम थी और पत्थर गिरने तथा भूस्खलन की घटनाओं में किसी श्रद्धालु के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। लोगों को नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी लोगों से बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।











