मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान के इस्फहान प्रांत से बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी और इजरायली हमलों में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, हमले रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर किए गए। इसमें 7 महिलाएं और 7 बच्चों की भी मौत हुई है। इस घटना के बाद ईरान में गुस्सा बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है।
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबफ ने अमेरिका को तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जो देश अपने सैनिकों की सुरक्षा नहीं कर पा रहा, वह ईरान की जमीन पर उन्हें कैसे सुरक्षित रखेगा। उनके बयान से साफ है कि अगर हालात और बिगड़े तो तनाव और बढ़ सकता है।
इस बीच एक और अहम अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बातचीत में तनाव देखने को मिला। बताया जा रहा है कि वेंस ने युद्ध को लेकर नेतन्याहू के दावों पर सवाल उठाए और कहा कि कई अनुमान जरूरत से ज्यादा आशावादी थे। खासकर ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर जताई गई उम्मीदें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। इससे दोनों देशों के बीच मतभेद की स्थिति बनती दिख रही है।
रूस ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि अगर अमेरिका ईरान में जमीनी सैन्य अभियान शुरू करता है, तो उसके नतीजे वियतनाम युद्ध जैसे हो सकते हैं। उन्होंने चेताया कि ऐसा कदम पूरे क्षेत्र के लिए बेहद खतरनाक साबित होगा और इससे हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं।
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मिडिल ईस्ट में जारी यह संघर्ष अब कई देशों को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है। एक तरफ हमले तेज हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़े देशों के बीच मतभेद और चेतावनियां इस संकट को और गहरा कर रही हैं। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।