Mathura:टैंटीगांव डकैती कांड का क्लाइमेक्स, 30 लाख लूटने वाले बदमाशों का खेल खत्म, पुलिस एनकाउंटर में दो शातिर ढेर

उत्तरप्रदेश। मथुरा जिले के सुरीर थाना क्षेत्र में हुई चर्चित डकैती कांड के बाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुरुवार सुबह पुलिस और बावरिया गैंग के बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो कुख्यात अपराधी मारे गए। दोनों आरोपी 23 अप्रैल को टैंटीगांव में कारोबारी अजय अग्रवाल के घर हुई लाखों रुपये की लूट में शामिल बताए जा रहे थे। घटना के बाद से पुलिस की कई टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी थीं। पुलिस के अनुसार बदमाशों ने घेराबंदी के दौरान फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में दोनों घायल हो गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
टैंटीगांव डकैती कांड का खुलासा
पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में बावरिया गिरोह के दो शातिर अपराधी मारे गए। दोनों बदमाश 23 अप्रैल को टैंटीगांव में कारोबारी के घर हुई लाखों रुपये की डकैती में शामिल बताए जा रहे थे। लंबे समय से पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी और आखिरकार मुखबिर की सूचना पर उन्हें घेर लिया गया।
कारोबारी के घर में घुसकर की थी लाखों की लूट
करीब दस दिन पहले टैंटीगांव में रहने वाले कारोबारी अजय अग्रवाल के घर देर रात नकाबपोश बदमाश घुस आए थे। बदमाशों ने परिवार को बंधक बना लिया और करीब दो घंटे तक घर में लूटपाट करते रहे। इस दौरान नकदी, सोने चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। बताया गया कि बदमाश करीब 30 लाख रुपये का माल लूटकर ले गए थे। जाते समय उन्होंने घर और दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए और डीवीआर अपने साथ ले गए ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
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पुलिस की कई टीमें लगातार कर रही थीं तलाश
घटना के बाद पुलिस प्रशासन पर बदमाशों को पकड़ने का भारी दबाव था। एसएसपी के निर्देश पर कई विशेष टीमें बनाई गईं और लगातार जांच शुरू की गई। पुलिस ने आसपास के इलाकों और दूसरे जिलों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर बदमाशों की पहचान की गई। पुलिस की टीम बदमाशों का पीछा करते हुए अलीगढ़ और राजस्थान तक पहुंची थी।
पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़
सुबह पुलिस को सूचना मिली कि बावरिया गिरोह के कुछ बदमाश इलाके में बड़ी वारदात की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे के पास घेराबंदी शुरू कर दी। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। मुठभेड़ के दौरान दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
राजस्थान के रहने वाले थे दोनों आरोपी
पुलिस के अनुसार मारे गए बदमाशों की पहचान धर्मवीर (लंबू) और पप्पू (राजेंद्र) के रूप में हुई है। धर्मवीर राजस्थान के भरतपुर जिले का रहने वाला था जबकि राजेंद्र कोटपुतली बेहरोर इलाके का निवासी बताया गया है। दोनों लंबे समय से बावरिया गिरोह के साथ सक्रिय थे और कई राज्यों में वारदातों को अंजाम दे चुके थे।
कई राज्यों में दर्ज हैं गंभीर मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक दोनों अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उन पर डकैती, लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज थे। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के कई थानों में उनके खिलाफ मुकदमे चल रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों बेहद शातिर अपराधी थे और पहचान छिपाने के लिए अक्सर नाम बदल लेते थे।
मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम के दो जवान भी घायल हो गए। इनमें स्वाट टीम प्रभारी अजय वर्मा और एक सिपाही शामिल हैं। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत खतरे से बाहर है।
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