होर्मुज को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच टकराव फिर बढ़ गया है। डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए ईरान ने 24 घंटे के भीतर ही अपना फैसला पलट दिया और अब इस अहम समुद्री रास्ते को फिर से बंद कर दिया है, जिससे ग्लोबल ऑयल मार्केट में चिंता बढ़ गई है। बता दें कि कल ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बताया था कि होर्मुज को पूरी तरीक से खोल दिया गया है।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा बंद कर दिया है और इस पूरे इलाके में कड़ा सैन्य पहरा लागू कर दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर अपनी नेवल नाकाबंदी जारी रखकर अपना वादा तोड़ा है। इसी के जवाब में अब यह कदम उठाया गया है और जब तक हालात नहीं बदलते तब तक स्ट्रेट पूरी तरह नियंत्रण में रहेगा। ईरानी सरकारी टीवी ने भी पुष्टि की कि अब यह इलाका फिर से सशस्त्र बलों के सख्त प्रबंधन में है और किसी भी तरह की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। यह फैसला अचानक आया और दुनिया के लिए चिंता का कारण बन गया।
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लेबनान में हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच युद्धविराम के बाद ईरान ने सद्भावना दिखाते हुए होर्मुज स्ट्रेट खोलने का ऐलान किया था। इससे दुनिया भर में राहत की लहर दौड़ गई थी और तेल-गैस संकट कम होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन शनिवार सुबह होते-होते हालात पूरी तरह बदल गए और ईरान ने अपना फैसला वापस ले लिया। ईरान ने साफ कहा कि यह कदम अमेरिका की तरफ से जारी नाकेबंदी के जवाब में उठाया गया है। इस अचानक यू-टर्न ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है और कई देशों की चिंता बढ़ा दी है।
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होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है क्योंकि दुनिया के कुल तेल का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। पिछले दो महीनों से जारी तनाव और नाकेबंदी के कारण पहले ही कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। कई देशों में ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है और आम लोगों पर इसका सीधा असर पड़ा है। ऐसे में स्ट्रेट का फिर से बंद होना हालात को और बिगाड़ सकता है और तेल बाजार में नई उथल-पुथल ला सकता है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप से पड़ेगा।
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ईरान ने अपने फैसले को अमेरिका के खिलाफ सीधी प्रतिक्रिया बताया है और कहा है कि जब तक ईरानी जहाजों की आवाजाही पर लगी रोक नहीं हटाई जाती तब तक यह सख्ती जारी रहेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक हॉर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। ईरान ने इसे अमेरिकी ब्लॉकेड और पर्शियन गल्फ में अपने बंदरगाहों पर लगाए गए नौसैनिक घेरे का जवाब बताया है। इस टकराव ने हालात को और जटिल बना दिया है और अब पूरी दुनिया की नजर इस पर टिकी हुई है कि आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और समाधान की कोई साफ दिशा नजर नहीं आ रही है।