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होर्मुज नाकाबंदी का असर:ईरान के पास तेल रखने की जगह खत्म, 20 लाख बैरल एक्सपोर्ट रोजाना रुका

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास अमेरिका की नाकाबंदी के कारण ईरान को अपना कच्चा तेल निर्यात करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ईरान हर दिन करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल एक्सपोर्ट नहीं कर पा रहा है।
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ईरान के पास तेल रखने की जगह खत्म, 20 लाख बैरल एक्सपोर्ट रोजाना रुका

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। करीब दो महीने से चल रही इस जंग में जहां कूटनीतिक कोशिशें नाकाम रही हैं वहीं अब इसका सीधा असर ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर दिखने लगा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास अमेरिका की नाकाबंदी के कारण ईरान को अपना कच्चा तेल निर्यात करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हर दिन 20 लाख बैरल तेल फंसा, एक्सपोर्ट ठप

नाकाबंदी की वजह से ईरान हर दिन करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल एक्सपोर्ट नहीं कर पा रहा है। इससे न सिर्फ उसकी आय पर असर पड़ रहा है बल्कि ग्लोबल सप्लाई भी घट रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि ईरान के पास अब तेल स्टोर करने की जगह भी तेजी से कम पड़ रही है।

सिर्फ 12–22 दिन का स्टोरेज बचा

एनर्जी एनालिटिक्स फर्म केप्लर की रिपोर्ट के मुताबिक उत्पादन जारी रहने के बावजूद निर्यात न हो पाने से ईरान के पास अब केवल 12 से 22 दिनों तक तेल स्टोर करने की क्षमता बची है। अगर यही हाल रहा तो ईरान को मई के मध्य तक अपने उत्पादन में करीब 15 लाख बैरल प्रतिदिन की और कटौती करनी पड़ सकती है।

पहले ही 25 लाख बैरल की कटौती

इन हालातों से पहले ही ईरान अपने उत्पादन में बड़ी कटौती कर चुका है। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार जंग शुरू होने के बाद ईरान ने लगभग 25 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन घटा दिया था। इसके अलावा सऊदी अरब, इराक, कुवैत और UAE जैसे खाड़ी देशों ने भी अपने उत्पादन में कमी की है जिससे सप्लाई पर और दबाव बढ़ गया है।

एक्सपोर्ट में भारी गिरावट

जंग और नाकाबंदी के चलते ईरान का तेल निर्यात तेजी से गिरा है।

  • मार्च में औसत एक्सपोर्ट: 18.5 लाख बैरल प्रतिदिन
  • अब घटकर: 5.67 लाख बैरल प्रतिदिन

ईरान का ज्यादातर तेल पहले चीन को जाता था लेकिन अब टैंकर लोडिंग में भी करीब 70% की गिरावट आ चुकी है।

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3 से 4 महीने में दिखेगा आर्थिक असर

रिपोर्ट्स के मुताबिक नाकाबंदी का असर ईरान की आय पर तुरंत नहीं दिखेगा। केप्लर का मानना है कि राजस्व पर असर दिखने में 3 से 4 महीने का समय लग सकता है क्योंकि पहले भेजे गए तेल का भुगतान अभी आना बाकी है।

सब्र वाली कूटनीति पर कायम ईरान

यूरोपियन काउंसिल फॉर फॉरेन रिलेशंस की विशेषज्ञ एली गेरानमायेह के अनुसार ईरान जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करेगा और वह अपनी 'सब्र वाली कूटनीति' पर कायम रह सकता है। हालांकि ईरान ने होर्मुज में सैन्य गतिविधियां रोकने का प्रस्ताव दिया है लेकिन अमेरिका की प्रतिक्रिया अब तक ठंडी ही रही है।

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बढ़ता तनाव, लंबी नाकाबंदी की तैयारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सलाहकारों से होर्मुज में लंबी नाकाबंदी की तैयारी करने को कहा है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि यह संकट जल्दी खत्म होने वाला नहीं है।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

मास कम्युनिकेशन में Ph.D और M.Phil पूर्ण की है तथा टीवी और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते ...Read More

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