मेट्रो निर्माण बना खतरा!बैरसिया रोड पर रात में ‘ब्लाइंड स्पॉट’ से गुजर रहा ट्रैफिक, सड़क के बीच पहुंचे बिजली के खंभे

शाहिद खान, भोपाल। राजधानी भोपाल में मेट्रो निर्माण का काम जहां शहर की तस्वीर बदलने का दावा कर रहा है वहीं बैरसिया रोड पर यही प्रोजेक्ट लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। डीआईजी बंगला चौराहा से आरिफ नगर मस्जिद तक ऑरेंज लाइन मेट्रो कॉरिडोर के निर्माणाधीन हिस्से में सड़क के बीच आ चुके बिजली के खंभे और रात के समय अपर्याप्त रोशनी वाहन चालकों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी ने सड़क चौड़ी तो कर दी, लेकिन सुरक्षा इंतजाम अधूरे छोड़ दिए हैं। रात के समय यह पूरा इलाका ब्लाइंड स्पॉट में बदल जाता है जहां वाहन चालकों को अंतिम समय में ही सामने खड़े खंभे दिखाई देते हैं।

बेरिकेडिंग के कारण सर्विस रोड पर डायवर्जन
बैरसिया रोड का यह हिस्सा पहले से ही संकरा है। मेट्रो पिलर निर्माण के लिए सड़क के बड़े हिस्से पर बेरिकेडिंग कर दी गई है। इसके बाद मुख्य मार्ग और सर्विस रोड के बीच बने साइड वर्ज को तोड़कर ट्रैफिक को उसी रास्ते से निकाला जा रहा है। इस बदलाव के चलते पहले सड़क किनारे मौजूद बिजली के खंभे अब ट्रैफिक के बीच में आ गए हैं। दिन में स्थिति संभालना आसान रहता है लेकिन रात के समय रोशनी कम होने से खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
रात में नहीं लगाई गई हाई इंटेंसिटी फ्लड लाइट
मेट्रो निर्माण के नियमों के मुताबिक निर्माण स्थल और डायवर्जन वाले हिस्सों में रात के समय हाई इंटेंसिटी फ्लड लाइट लगाना जरूरी होता है ताकि वाहन चालकों को रास्ता साफ दिखाई दे। लेकिन मौके पर ऐसी कोई व्यवस्था नजर नहीं आती। इलाके में लगी स्ट्रीट लाइट की रोशनी बेहद कमजोर है। अंधेरे में सड़क का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है और अचानक सामने आए खंभे दुर्घटना की वजह बन सकते हैं।
रेडियम रिफ्लेक्टर की जगह रख दिए नीले ड्रम
सड़क के बीच खड़े बिजली के खंभों पर रेडियम रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत लगाने के बजाय केवल नीले रंग के ड्रम रख दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खंभों पर रेडियम स्ट्रिप्स लगाई जाएं तो वाहन की हेडलाइट पड़ते ही चालक को पहले से चेतावनी मिल सकती है और हादसे टाले जा सकते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां कई बार बाइक और कार चालक खंभों से टकराने से बाल-बाल बचे हैं।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
रात में अचानक सामने आ जाता है खंभा
आरिफ नगर निवासी इरफान खान का कहना है कि रात में कई बार अचानक सामने बिजली का खंभा नजर आता है। बाइक सवार संभल नहीं पाते। जो लोग पहली बार इस रास्ते से गुजरते हैं, उनके लिए खतरा और ज्यादा है।
छोटी सी गलती सीधे हादसे में बदल सकती है
ऑटो चालक राजेश मालवीय ने बताया कि वह रोज इसी रास्ते से कई चक्कर लगाते हैं। दिन में भी सड़क काफी संकरी हो गई है लेकिन रात में हालात बेहद खराब हो जाते हैं। कई बार समझ ही नहीं आता कि रास्ता कहां खत्म हो रहा है और खंभा कहां खड़ा है।
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करोंद निवासी सोनाली तिवारी का कहना है कि रोज इस सड़क से आना-जाना होता है। सबसे ज्यादा परेशानी रात में होती है। अगर मेट्रो प्रबंधन फ्लड लाइट और रेडियम स्ट्रिप्स लगा दे तो काफी हद तक खतरा कम हो सकता है।
हादसे के बाद सुधार का फायदा नहीं
स्थानीय दुकानदार महेश विश्वकर्मा ने कहा कि लोग रोज अचानक ब्रेक लगाते दिखाई देते हैं। सिर्फ नीले ड्रम रख देने से सुरक्षा पूरी नहीं होती। जब इतना बड़ा निर्माण काम चल रहा है तो एजेंसी को राहगीरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
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बिजली कंपनी ने कहा- कराई जाएगी जांच
छोला क्षेत्र बिजली कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर अर्पित कुमार उपाध्याय ने बताया कि डीआईजी बंगला क्षेत्र में मेट्रो प्रोजेक्ट का काम चल रहा है। मेट्रो अधिकारियों की ओर से बिजली खंभों की शिफ्टिंग का प्रस्ताव भेजा गया था और एचटी टीम शिफ्टिंग का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़क के बीच खंभे कैसे आ रहे हैं इसकी जांच कराई जाएगी।












