नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र (UN) पर ईरान ने एक बार फिर निशाना साधा है और इस बार अंदाज बिल्कुल देसी था। मंगलवार को भारत स्थित ईरान के दूतावास ने UN की कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए एक वायरल मीम शेयर किया। ये मीम ऐसे समय में आया है जब कुछ दिन पहले ही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने UN पर आरोप लगाया था कि वो अमेरिका और इजराइल द्वारा UN चार्टर के उल्लंघन पर "उदासीन" बना हुआ है।
क्या था वायरल मीम में
ईरान दूतावास ने दो पैनल वाला मीम पोस्ट किया -पहला पैनल - किताबों वाला UN-इसमें मार्वल के सुपरहीरो Doctor Strange की फोटो थी, जिसके कई हाथ हैं। कैप्शन था - स्कूल की किताबों के अनुसार UN। मतलब किताबों में UN को एक सुपर पावरफुल संस्था बताया जाता है जो दुनिया के किसी भी मुद्दे को सॉल्व कर सकती है।
दूसरा पैनल- असलियत वाला UN- इसमें 1975 की ब्लॉकबस्टर फिल्म शोले के ठाकुर बलदेव सिंह (संजीव कुमार) की तस्वीर थी, जिनके हाथ गब्बर ने काट दिए थे। कैप्शन था - "असलियत में UN।" मीम का साफ मतलब था कि असल दुनिया में UN ठाकुर की तरह कमजोर और लाचार हो गया है, जिसके पास बड़े झगड़े रोकने के लिए हाथ ही नहीं बचे।
लगातार चल रहा है मीम वॉर
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ईरानी दूतावासों का मीम वॉर लगातार जारी है। ये पूरा टकराव 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद शुरू हुआ था, तब से ईरान के अलग-अलग दूतावास अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधने के लिए मीम्स का सहारा ले रहे हैं। वैसे ट्रंप भी UN के आलोचक रहे हैं। पिछले साल जनवरी में पद संभालने के बाद से उन्होंने कई बार UN को घेरा है और कहा है कि ये संगठन दुनिया के बड़े-बड़े युद्ध और टकराव सुलझाने में फेल हो गया है।
अरागची और गुटेरेस की मुलाकात
इधर ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने UNGA के 81वें सेशन के लिए न्यूयॉर्क दौरे के आखिरी दिन UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की। इस मीटिंग में अरागची ने मिडिल ईस्ट के ताजा हालात पर गुटेरेस को ब्रीफ किया। उन्होंने कहा कि ईरान संयुक्त राष्ट्र का संस्थापक सदस्य रहा है, इसलिए उसे उम्मीद है कि UN और उसके मेंबर देश उन घटनाओं पर जवाब देंगे जिसे तेहरान अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानता है। ईरान का आरोप है कि सुरक्षा परिषद के परमानेंट मेंबर अमेरिका ने UN चार्टर का खुला उल्लंघन किया है।अरागची ने मांग की कि अमेरिका के इन कदमों और ईरान के खिलाफ दी जा रही गैर-कानूनी धमकियों की साफ तौर पर निंदा की जाए, जिसे ईरान अमेरिका का दखलअंदाजी वाला रवैया बता रहा है।