SIR विवाद पर अरविंद धाकड़ का राहुल गांधी पर पलटवार! बोले- राहुल गांधी मतदाताओं को न करें भ्रमित, संवैधानिक संस्थाओं पर बिना तथ्य आरोप उचित नहीं
गुना। गुना में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी बढ़ती जा रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़ ने जिला पंचायत सभागार में प्रेसवार्ता कर राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी। धाकड़ ने कहा कि किसी संवैधानिक संस्था के फैसले से असहमति जताना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन गंभीर आरोपों का आधार भी स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से कहा कि जनता के सामने तथ्य और प्रमाण रखकर अपनी बात रखे।
SIR को लेकर कांग्रेस पर धाकड़ का पलटवार
अरविंद धाकड़ ने कहा कि चुनाव आयोग SIR से जुड़े फैसलों को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुका है। ऐसे में किसी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाने से पहले उसकी पूरी जानकारी जांचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते समय प्रक्रिया और उपलब्ध तथ्यों को भी सामने रखना चाहिए। चुनाव आयोग ने भी SIR से जुड़े फैसलों पर कहा है कि अंतिम निर्णय पूरे आयोग की ओर से लिए गए हैं। आयोग के अनुसार अलग-अलग राय और टिप्पणियां संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा होती हैं।
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26 सितंबर की बैठक का किया जिक्र
प्रेसवार्ता में धाकड़ ने 26 सितंबर को हुई चुनाव आयोग की बैठक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से फैसला लिए जाने की बात आयोग की ओर से स्पष्ट की गई है। धाकड़ ने कहा कि इस स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस को भी अपने आरोपों के आधार को देश के सामने रखना चाहिए।
हालांकि, SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। राहुल गांधी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
फॉर्म-6 का मुद्दा भी उठा
धाकड़ ने SIR के दौरान इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 से जुड़े घोषणा पत्र का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध दस्तावेजों को ध्यान में रखकर ही राजनीतिक चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था कि जनता को किसी भी बदलाव और प्रक्रिया की सही जानकारी मिलना जरूरी है।
इसी बीच चुनाव आयोग ने 30 सितंबर को उन राज्यों में ECINET पोर्टल से SIR से जुड़ा घोषणा वाला हिस्सा हटाया, जहां SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
संवैधानिक संस्थाओं पर बहस का मुद्दा
धाकड़ ने कहा कि चुनाव आयोग या किसी अन्य संवैधानिक संस्था के फैसले से असहमति जताना गलत नहीं है। उनके अनुसार, लेकिन असहमति के साथ तथ्य और प्रमाण भी सामने आने चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग, EVM और अन्य संस्थाओं को लेकर पहले भी राजनीतिक बहस होती रही है।
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प्रेसवार्ता में भाजपा नेता रहे मौजूद
प्रेसवार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सारिका क्षितिज लुंबा, जिला मीडिया प्रभारी अंकुर श्रीवास्तव और मीडिया पैनलिस्ट विकास जैन मौजूद रहे। धाकड़ ने कहा कि SIR जैसे मुद्दे पर राजनीतिक बहस के बीच मतदाताओं तक स्पष्ट और तथ्य आधारित जानकारी पहुंचना जरूरी है।
EDITBY: ADITI RAWAT





















