ट्रंप ने जेलेंस्की को हटाने की उठाई मांग, यूक्रेनी राष्ट्रपति बोले- नेता चुनना जनता का काम

यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच मतभेद सामने आए हैं। ट्रंप ने जेलेंस्की की आलोचना करते हुए कहा कि यूक्रेन को ऐसे नेता की जरूरत है, जो युद्ध खत्म करने के लिए समझौता करने को तैयार हो। इस पर जेलेंस्की ने साफ कहा कि यूक्रेन का अगला नेता कौन होगा, इसका फैसला वहां की जनता करेगी। हालांकि, उन्होंने यूक्रेन में चुनाव कराने को लेकर एक बड़ी शर्त भी रखी है। जेलेंस्की के मुताबिक, अगर रूस 60 दिनों के युद्धविराम के लिए तैयार हो जाता है, तो यूक्रेन चुनाव करा सकता है।
ट्रंप ने जेलेंस्की पर क्यों उठाए सवाल?
शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों को लेकर जेलेंस्की की आलोचना की। ट्रंप का कहना था कि इन हमलों की वजह से डीजल की कीमतों पर असर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि जेलेंस्की की जगह किसी ऐसे नेता को जिम्मेदारी मिलनी चाहिए, जो रूस के साथ समझौता करके युद्ध खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ सके। ट्रंप के इस बयान के बाद यूक्रेन में चुनाव और देश के नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है। रूस के साथ लंबे समय से जारी युद्ध के बीच चुनाव कराना यूक्रेन के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।
जेलेंस्की बोले- नेता चुनना जनता का अधिकार
रविवार को एक टीवी इंटरव्यू में वोलोडिमिर जेलेंस्की ने ट्रंप की मांग पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का वह सम्मान करते हैं, लेकिन यूक्रेन में किसे नेता चुना जाएगा, यह फैसला वहां के नागरिकों और समाज को करना है। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि किसी दूसरे देश के नेता की मांग के आधार पर यूक्रेन के नेतृत्व का फैसला नहीं हो सकता। उनके मुताबिक, चुनाव कराना यूक्रेन का आंतरिक मामला है और इसके लिए जरूरी परिस्थितियां बननी चाहिए। उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति की टीम से भी इस मुद्दे पर बात की गई थी। जेलेंस्की ने अमेरिका से रूस के साथ अस्थायी युद्धविराम सुनिश्चित कराने में मदद करने को कहा था, ताकि यूक्रेन में चुनाव कराने का रास्ता खुल सके।
रूस 60 दिन युद्ध रोके, तभी चुनाव संभव
जेलेंस्की ने चुनाव कराने के लिए रूस के साथ 60 दिनों के संघर्षविराम की शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि अगर रूस दो महीने तक युद्ध रोकने के लिए तैयार हो जाता है, तो यूक्रेन चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। जेलेंस्की ने अमेरिकी प्रशासन से कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से 60 दिनों के लिए पूरी तरह युद्ध रोकने की बात करे। उनका मानना है कि युद्धविराम होने से चुनाव कराने के लिए जरूरी परिस्थितियां तैयार की जा सकती हैं। इस बयान से साफ है कि जेलेंस्की चुनाव कराने के विचार को पूरी तरह खारिज नहीं कर रहे हैं। हालांकि, वह चाहते हैं कि चुनाव से पहले सुरक्षा की स्थिति बेहतर हो और रूस की ओर से भी युद्ध रोकने के लिए कदम उठाया जाए।
रूसी तेल पर अमेरिकी फैसले से भी बढ़ा विवाद
रूस के तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों में कुछ समय के लिए ढील देने के ट्रंप प्रशासन के फैसले की भी आलोचना हुई है। यूक्रेन के अलावा यूरोप में अमेरिका के कई सहयोगियों और खुद रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सदस्यों ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका की नीति पर नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत और समझौते की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ रूस पर दबाव बनाए रखने को लेकर मतभेद भी सामने आ रहे हैं।
जेलेंस्की को अमेरिकी और यूरोपीय समर्थन की उम्मीद
जेलेंस्की ने कहा कि रूस को रोकना और युद्ध समाप्त करना सबसे जरूरी लक्ष्य है। इसके लिए यूक्रेन को अमेरिका के समर्थन की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हालिया मतभेदों के बावजूद अमेरिका और यूक्रेन के बीच सहयोग कमजोर नहीं होगा। उन्होंने यूरोपीय सहयोगियों के समर्थन को भी महत्वपूर्ण बताया। जेलेंस्की के मुताबिक, अमेरिका और यूरोप के देशों के बीच एकता बनाए रखना जरूरी है, ताकि रूस पर दबाव बनाया जा सके और युद्ध को खत्म करने की कोशिशों को आगे बढ़ाया जा सके। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सभी सहयोगियों के बीच एक जैसी सहमति बनाए रखना आसान नहीं है।
युद्धविराम के लिए तैयार है यूक्रेन
जेलेंस्की ने एक बार फिर कहा कि अगर रूस भी ऐसा करने के लिए तैयार हो, तो यूक्रेन युद्धविराम के लिए सहमत हो सकता है। इसमें ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने के लिए सीमित युद्धविराम का विकल्प भी शामिल है। फिलहाल, यूक्रेन में चुनाव कराने का मुद्दा रूस के साथ युद्धविराम और अमेरिका के समर्थन से जुड़ गया है। जेलेंस्की ने साफ कर दिया है कि चुनाव का फैसला यूक्रेन की जनता करेगी, लेकिन इसके लिए रूस को भी 60 दिनों तक युद्ध रोकने की दिशा में कदम उठाना होगा। अब देखना होगा कि रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच इस मुद्दे पर आगे क्या सहमति बनती है।




















